'कोई अवकाश नहीं, आजीवन संघर्ष'

दलाई लामा ने कहाः मेरी आत्मा और शरीर सहित सब कुछ तिब्बत का ही है और मैं उसके लिए पूरी तरह समर्पित हूं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों लगातार इस बात को लेकर अटकलें चल रही थीं कि दलाई लामा अपना पद त्याग देंगे और सक्रिय राजनीतिक-धार्मिक जीवन से अवकाश ले लेंगे।
मगर मीडिया से अपनी बातचीत में दलाई लामा ने पद त्यागने संबंधी सभी अफवाहों का खंडन किया। उन्होंने कहा, "यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है कि मैं अंतिम सांस तक तिब्बत के हित में काम करूं।"
शनिवार को तिब्बती नेताओं की छह दिवसीय विशेष बैठक के समापन के अवसर पर घोषणा की गई थी कि जब तक चीन उनकी मांग पर कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाता तब तक उसके साथ आगे कोई बातचीत नहीं की जाएगी।


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