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समुद्री लुटेरों से भारत भी प्रभावित

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Pirates
नई दिल्ली, 20 नवंबर: सोमालिया के पास अदन की खाड़ी में सक्रिय समुद्री लुटेरों से भारत भी काफी प्रभावित है। भारत के लिए अदन की खाड़ी का जल मार्ग बहुत महत्‍वपूर्ण होने के बाद भी यहां का विदेश मंत्रालय इस मामले पर उदासीन है। खास बात यह है कि भारत को तेल और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है।

भारतीय नौसेना समुद्री लुटेरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति चाहती है। जबकि रक्षा मंत्रालय विदेश मंत्रालय की अनुमति का इंतजार कर रहा है।

भारतीय नौसेना के अधिकारियों के मुताबिक हिंद महासागर की मजबूत नौसेना होने के बावजूद भारत समुद्री लुटेरों को रोकने में कड़ी कार्रवाई करने से हिचकिचा रहा है।

वो इसलिए क्‍योंकि समुद्री लूट रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र के संरक्षण में किसी नीति पर वैश्विक सहमति कायम नहीं होने से भारत सोमालिया के लुटेरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। दूसरा सबसे बड़ा कारण विदेश मंत्रालय से अनुमति का न मिलना है।

अवकाश प्राप्त कमोडोर रंजीत बी राय का कहना है कि व्यापारिक जहाजों में भारतीय नौसेना की किसी भी कार्रवाई में अनेक बाधाएं हैं। क्योंकि किसी जहाज के भीतर जाने के लिए नौसेना को उस जहाज की मालिक कंपनी से अनुमति लेना आवश्यक होता है। भारतीय नौसेना केवल भारतीय झंडे लगे जहाजों के अंदर जा सकती है।

नौसेना संचालन के पूर्व निदेशक और भारतीय समुद्री फाउंडेशन के अध्यक्ष राय ने कहा कि लुटेरे बहुत चालाक हैं। वे तुरंत अपह्रत जहाज को सोमालिया की जलसीमा में ले जाते हैं। भारतीय नौसेना किसी अन्य देश की सीमा में दूसरे देश के झंडे वाले जहाज पर कार्रवाई नहीं कर सकती। राय के अनुसार संयुक्त राष्ट्र को अदन की खाड़ी में समुद्री लूट को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्यदल का गठन करना चाहिए।

भारत के फैसले को मून ने सराहा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने समुद्री डकैती की घटनाओं से निपटने के लिए भारत और अन्य देशों के सोमालिया सरकार के साथ सहयोग करने के फैसले का स्वागत किया है।

पिछले एक साल में जहाज अपहरण के 95 प्रयासों से दुनिया का ध्यान इस मामले की ओर गया है। वर्ष 2007 से यह करीब 75 प्रतिशत अधिक हैं। अभी भी 13 जहाज सोमालिया के आईल और होबियो बंदरगाह पर अपह्रताओं के कब्जे में हैं।

सोमालिया के बारे में सुरक्षा परिषद को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में बान ने समुद्री डकैती और अपहरण के खिलाफ लड़ने के लिए सोमालिया की संक्रमणकालीन सरकार के साथ सहयोग के भारत और रूस की सरकारों के फैसले का स्वागत किया है।

युद्धपोत भेजने की तैयारी में नौसेना

भारतीय नौसेना के अधिकारियों के मुताबिक नौसेना एक युद्धपोत सोमालिया भेजने की तैयारी कर रहा है। यही नहीं नौसेना ने अन्‍य देशों से अपील की है कि वो समुद्री लुटेरों से लड़ने में भारत का सहयोग दे। इस समय समुद्री लुटेरों के कब्‍जे में एक जहाज के चालक दल में 17 भारतीय हैं, जिन्‍हें छुड़ाने की कोशिशें जारी हैं।

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