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इराक़ी कैबिनेट ने समझौते को मंज़ूरी दी

By Staff
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अभी इराक़ में डेढ़ लाख अमरीकी सैनिक हैं
इराक़ी कैबिनेट ने अमरीका के साथ सुरक्षा समझौते को मंज़ूरी दे दी है. इस समझौते के मुताबिक़ अमरीकी सैनिक और तीन साल तक इराक़ में रह सकते हैं.

लेकिन अभी इस फ़ैसले पर संसद की मुहर लगनी बाक़ी है. विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी है.

दोनों देश पिछले कुछ समय से इस समझौते पर विचार विमर्श कर रहे थे. इराक़ में अमरीकी सैनिकों के बने रहने की संयुक्त राष्ट्र की अनुमति की समयसीमा इस साल 31 दिसंबर को ख़त्म हो रही है.

इस साल अक्तूबर में इस समझौते के मसौदे में संशोधन की सिफ़ारिश करते हुए इराक़ी सरकार ने इसे अमरीका को भेज दिया था. जिस पर अमरीका ने जवाब भेजा.

हालाँकि अमरीका ने पहले कह दिया था कि समझौते के मसौदे में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा. इस समय इराक़ में क़रीब डेढ़ लाख अमरीकी सैनिक मौजूद हैं.

विचार-विमर्श

एक सरकारी अधिकारी ने बताया है कि क़रीब ढाई घंटे तक चले विचार-विमर्श के बाद इराक़ी कैबिनेट ने इस समझौते को हरी झंडी दे दी है.

समाचार एजेंसी एपी ने सरकारी प्रवक्ता अली दाबाग़ के हवाले से बताया है कि सिर्फ़ एक को छोड़कर बैठक में मौजूद सभी इराक़ी मंत्रियों ने समझौते के पक्ष में मतदान किया.

उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार को ही किसी समय इराक़ी संसद में यह समझौता रखा जा सकता है लेकिन ये तय नहीं है कि संसद में इस पर मतदान कब होगा.

हालाँकि रविवार की बैठक से पहले ही इराक़ के प्रमुख वार्ताकार मुवाफ़ाक़ अल रुबाई ने कहा था कि समझौते का मसौदा बहुत अच्छा है और उन्हें उम्मीद है कि संसद में इसे पास कर दिया जाएगा.

समझौते के मसौदे के मुताबिक़ जून 2009 तक अमरीकी सैनिक कुछ इराक़ी शहरों से हट जाएँगे और वर्ष 2011 के अंत तक अमरीकी सैनिक पूरे देश से हट जाएँगे.

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