मुंबई एटीएस को आदित्यनाथ की चुनौती

गोरखपुर से मालेगांव धमाकों के तार जुड़ते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद योगी आदित्यनाथ ने मुंबई एटीएस को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि हिम्मत है तो एटीएस यहां के विधायक को गिरफ्तार करके दिखाये।
पूर्वी उत्तरप्रदेश में भाजपा के मजबूत स्तंभ व अपनी कट्टर हिंदुत्ववादी राजनीति के लिए विख्यात आदित्यनाथ ने जांच में किसी तरह के सहयोग से साफ इनकार कर दिया है। मीडिया से बातचीत में आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आतंकवादी संगठन घोषित करने तथा मुस्लिम संगठनों को उदार बताने के उद्देश्य से एक खतरनाक षडयंत्र रचा गया है।
पुलिस को जांच में किसी भी प्रकार के सहयोग से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस में हिम्मत हो तो वह मुझे गिरफ्तार करे। आदित्यनाथ ने एटीएस को सलाह दी है कि वह दूसरों के इशारों पर कार्रवाई न करे।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नार्को परीक्षण पर सवाल खड़े करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि इसके पहले हुए बम विस्फोटों में गिरफ्तार इस्लामी आतंकवादियों का नार्को परीक्षण क्यों नहीं किया गया।
आदित्यनाथ का यह बयान तब आया है, जब एटीएस ने मालेगांव मामले में एक बड़े नेता से पूछताछ तथा इसमें उत्तरप्रदेश सरकार से सहयोग की इजाजत के लिए सोमवार को मुंबई की एक अदालत में आवेदन किया।
हालांकि नेता के नाम की घोषणा किए बगैर ही एटीएस ने फरुखाबाद व पूर्वी उत्तरप्रदेश में सीधे तौर पर अभियान चला कर मालेगांव विस्फोट मामले में महत्वपूर्ण सूराग हासिल किए हैं।
उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मालेगांव मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पीसी पुरोहित की गिरफ्तारी के बाद से ही लगातार नए-नए सुराग मिल रहे हैं। इनमें से कुछ सुराग योगी आदित्यनाथ की ओर इशारा करते हैं।
आदित्यनाथ ने वर्ष 2005 में उत्तरप्रदेश के एटा जिले में 1,800 ईसाइयों की हिंदू धर्म में वापसी को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही नहीं हाल ही में आदित्यनाथ ने उड़ीसा में विश्व हिंदू परिषद नेता स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या के बाद चर्चो पर किए गए हमलों को भी जायज ठहराया था।


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