मिजोरम: चुनावी शस्‍त्र बना मोबाइल फोन

एक वरिष्ठ पत्रकार और खर्चीले प्रचार अभियान का विरोध करने वाले सक्रिय कार्यकर्ता वानलालरेमरुता ने कहा, "इस समय मोबाइल फोन से एसएमएस भेजना प्रचार अभियान का प्रमुख माध्यम बन गया है। उम्मीदवार एसएमएस के माध्यम से मतदाताओं के पास अपना चुनाव चिह्न् भी भेज रहे हैं।"
मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए दो दिसंबर को मतदान होने वाला है और आठ दिसंबर को परिणाम आने की उम्मीद है। बड़े चर्चो और विभिन्न गैरसरकारी संगठनों के प्रभावी संगठन मिजोरम पीपुल्स फोरम (एमपीएफ) ने खर्चीले प्रचार से बचने के लिए सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए चुनावी निर्देशों की एक सूची जारी की है। इसका काफी असर हुआ है।
चुनावी बुखार तेज होने के साथ ही राज्य में हैंडसेट और सिम कार्डो की बिक्री में भारी तेजी आई है। राजधानी आईजोल के एक फोन विक्रेता राबर्ट ने कहा,"एमपीएफ के चुनावी निर्देशों के लागू होने के बाद से सिम कार्डो और मोबाइल हैंडसेट की बिक्री कई गुना बढ़ गई है।"
पिछले चुनावों की तरह बड़ी चुनावी रैलियां और जुलूस इस बार नहीं आयोजित किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों और प्रचार पर निगाह रखने के लिए 18 पर्यवेक्षक तैनात किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications