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'अश्वेत अमेरिकियों के लिए अहम क्षण'

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ओबामा अमरीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति होंगे. मैक्केन ने कहा कि ये अमरीका के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है.
अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन जॉन मैक्केन ने हार स्वीकार कर ली है. डेमोक्रेट बराक ओबामा अमरीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति होंगे. अमरीकी राष्ट्रपति चुनने के लिए 538 इलेक्टॉरल कॉलेज मतों में से 270 की आवश्यकता होती है. चुनावों के ताज़ा रुझानों के मुताबिक ओबामा को इससे ज़्यादा मत मिलेंगे. इस बारे में आधिकारिक घोषणा में कुछ समय लगेगा.

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने रुझानों के आधार पर ही अपनी हार स्वीकार कर ली और इसे 'अमरीका के इतिहास में अश्वेत अमरीकियों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण क्षण बताया.'

उनका कहना था, "मैं सीनेटर ओबामा का प्रशंसक हूँ. मैं आप से अपील करता हूँ कि अगले चार साल आप उन्हें सहयोग दें. लाखों अफ़्रीकी अमरीकियों के लिए एक नया दौर शुरु हुआ है. अमरीका दुनिया का सबसे महान देश है. ओबामा ने ये साबित कर दिया है कि अमरीका सभी लोगों को अपने सपने साकार करने का बराबर का अवसर प्रदान करता है."

कई राज्यों में पछाड़ा

ओबामा ने ओहायो, न्यू मेक्सिको और पेन्नसिलवेनिया जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में अपने रिपब्लिपन जॉन मैक्केन को करारा झटका देते हुए पछाड़ दिया. दक्षिणी राज्यों में मैक्केन को कुछ सफलता मिली लेकिन ये पर्याप्त नहीं था.

महत्वपूर्ण है कि केलिफ़ोर्निया में अभी मतदान ख़त्म ही हुआ था कि मैक्केन ने अपनी हार स्वीकार कर ली.
मैं सीनेटर ओबामा का प्रशंसक हूँ. मैं आप से अपील करता हूँ कि अगले चार साल आप उन्हें सहयोग दें. लाखों अफ़्रीकी अमरीकियों के लिए एक नया दौर शुरु हुआ है. अमरीका दुनिया का सबसे महान देश है. ओबामा ने ये साबित कर दिया है कि अमरीका सभी लोगों को अपने सपने साकार करने का बराबर का अवसर प्रदान करता है

इससे पहले अनेक प्रांतों में मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं. अनुमान लगाया जा रहा है कि 1960 के बाद रिकॉर्ड वोटिंग हुई.

राष्ट्रपति पद के लिए इस बार चुनाव अभियान लगभग दो साल तक चला और इस प्रचार को अमरीका के इतिहास में अब तक का सबसे महँगा चुनाव प्रचार कहा जा रहा है, जिसमें लगभग लगभग 2.4 अरब डॉलर ख़र्च हुए है.

मैक्केन दक्षिणी में सफल

बीबीसी संवाददाता निक ब्रयांट के अनुसार पेन्नसिलवेनिया और न्यू हेंपशायर को रिपब्लिकन मैक्केन ने निशाना बनाया था लेकिन ये प्रांत डेमोक्रेटिक पार्टी के पाले में गए.

लेकिन मैक्केन को सबसे करारा झटका ओहायो में लगा क्योंकि पिछले कई दशकों में कोई भी रिपब्लिकन उम्मीदवार बिना ओहायो जीते व्हाइट हाउस में नहीं पहुँच पाया है. लेकिन यहाँ भी रुझान ओबामा के पक्ष में रहा.

वर्ष 2000 में ख़ासे विवाद का केंद्र रहे फ़्लोरिडा में भी ओबामा ही आगे रहे. ओहायो, पेन्नसिलवेनिया और कई अन्य राज्यों में मैकेन के महनत कामयाब नहीं हुई

उधर रिपब्लिकन जॉन मैक्केन ने दक्षिणी राज्यों में ख़ासी सफलता पाई और जॉर्जिया जैसे प्रांत में भी आगे निकल गए लेकिन वे लगातार पिछड़ते ही चले गए. उम्मीद के अनुसार केंटकी में जॉन मैक्केन आगे रहे, वहीं वरमोंट में बराक ओबामा ने बढ़त हासिल की है.

कई जगह उथल-पुथल

चुनाव में लगभग तीन करोड़ वोटरों ने 'अर्ली वोटिंग' के तहत अपना वोट दर्ज कराया था जो कि एक रिकॉर्ड है. जहाँ ओबामा ने अपने गृह प्रांत इलिनॉय ने परिवार सहित वोट डाला वहीं मैक्केन ने एरिज़ोना में वोट डाला.

न्यू हैम्पशायर में सबसे पहले मंगलवार को वोट डाला गया जहाँ बराक ओबामा ने अपने प्रतिद्वंदी को पछाड़ दिया. वर्ष 1968 के बाद यह पहला मौका है जब रुझानों के मुताबिक यह शहर डेमोक्रेट के पाले में गया.

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