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अंतिम दौर में तेज़ हुआ अभियान

By Staff
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अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ़ चार दिन बचे हैं. चुनाव से पहले के अंतिम सप्ताहांत में दोनों उम्मीदवारों ने पूरी ताक़त झोंक दी है.

अब तक सामने आए जनमत सर्वेक्षण यही बता रहे हैं कि डेमोक्रेट उम्मीदवार बराक ओबामा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैकेन से आगे चल रहे हैं लेकिन कई स्थानों से इस बढ़त में कमी होने के संकेत भी आ रहे हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ ओबामा की बढ़त सात प्रतिशत से घटकर पाँच प्रतिशत पर जा पहुँची है, ओबामा को 49 प्रतिशत लोग राष्ट्रपति के तौर पर देखना चाहते हैं जबकि 45 प्रतिशत लोगों को मैकेन पसंद हैं.

शनिवार को मैकेन वर्जीनिया और पेन्सिलवेनिया में होंगे और शाम को एक टीवी कॉमेडी शो में हिस्सा लेंगे.

अगर आप मंगलवार को मुझे वोट देंगे तो हम न सिर्फ़ चुनाव जीतेंगे बल्कि पूरे देश और दुनिया को बदल देंगे
बराक ओबामा अपना व्यस्त सप्ताहांत नेवाडा, कोलोराडो और मिसूरी में बिताएँगे जहाँ वे जमकर प्रचार करेंगे.

दरअसल, दोनों उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताक़त उन प्रांतों में लगा दी है जहाँ से जीतना उनके राष्ट्रपति बनने की संभावनों के लिए सबसे अहम है.

ओबामा ने अपने व्यस्त दिन की शुरूआत साप्ताहिक रेडियो संदेश से की जिसमें उन्होंने अपनी आर्थिक योजनाओं, इराक़ में लड़ाई बंद करने की ज़रूरत और स्वास्थ्य सेवाओं पर ज़ोर दिया.

उन्होंने मतदाताओं से वादा किया, "अगर आप मंगलवार को मुझे वोट देंगे तो हम न सिर्फ़ चुनाव जीतेंगे बल्कि पूरे देश और दुनिया को बदल देंगे."

ओबामा ने मैकेन को बुश का उत्तराधिकारी बताते हुए कहा कि "ऐसे समय में जब इतना कुछ दाँव पर लगा हो, हम अगले चार साल तक एक ऐसे प्रशासन को नहीं झेल सकते जिसकी नीतियों का परिणाम हम आज भोग रहे हैं."

रस्साकशी

मैकेन शनिवार को वर्जीनिया से पेन्सिलवेनिया जाएँगे जहाँ वे ओबामा से पीछे चल रहे हैं और जानकारों का कहना है कि अगर उन्हें राष्ट्रपति बनना है तो पेन्सिलवेनिया जीत हासिल करना बेहद ज़रूरी है.

मैकेन के वर्जीनिया में ज़ोर लगाने की वजह भी बहुत साफ़ है क्योंकि परंपरागत रूप से रिपब्लिकन गढ़ माने जाने वाले इस प्रांत में डेमोक्रेट उम्मीदवार ओबामा ने बढ़त ले ली है, दिलचस्प बात ये है कि 1964 से लेकर पिछले राष्ट्रपति चुनाव तक वर्जीनिया के मतदाताओं ने कभी डेमोक्रेट उम्मीदवार को समर्थन नहीं दिया.

मैकेन जीत की बात कर रहे हैं

इसी तरह पिछली बार जॉर्ज बुश को अपना समर्थन देने वाले कोलोराडो और नेवाडा में भी मैकेन ओबामा से पीछे बताए जा रहे हैं.

लेकिन इन सबके बावजूद मैकेन मैदान में डटे हुए हैं और शुक्रवार को उन्होंने कहा कि वे अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं.

जिस प्रांत को सबसे दिलचस्प माना जा रहा है वह है मिसूरी, मिसूरी का 104 वर्षों का रिकॉर्ड है कि वहाँ से वही जीतता है जो राष्ट्रपति चुनाव जीतता है, ओबामा वहाँ आगे तो हैं लेकिन मैकेन और उनके बीच का अंतर काफ़ी कम है.

ओबामा अपनी जीत को पक्का करने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने परंपरागत रूप से रिपब्लिकन समर्थक राज्य एरिज़ोना में ज़ोरदार विज्ञापन अभियान चलाया है, मैकेन एरिज़ोना के ही रहने वाले हैं. इसके अलावा डकोटा और जॉर्जिया जैसे प्रांतों में भी ओबामा काफ़ी दम लगा रहे हैं.

ओहायो को भी काफ़ी अहम माना जा रहा है क्योंकि बाक़ी प्रांतों की स्थिति कमोबेश स्पष्ट है लेकिन ओहायो को स्विंग स्टेट माना जा रहा है, यानी वह किसी के भी पाले में जा सकता है, इसलिए दोनों उम्मीदवार वहाँ अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

मतदान

मंगलवार को होने वाले मतदान के लिए अधिकारी रात-दिन तैयारियों में जुटे हैं, माना जा रहा है कि इस चुनाव में 13 करोड़ मतदाता वोट डाल सकते हैं.

सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए जा रहे हैं, ख़ास तौर पर इलिनॉय के मुख्य शहर शिकागो में. शिकागो ओबामा का गृहनगर है और माना जा रहा है कि अगर ओबामा जीतते हैं तो वहाँ लाखों लोग जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आएँगे.

ओबामा ने अपने समर्थकों को आगाह किया है कि लड़ाई बहुत कठिन है और अंतिम क्षण तक डटे रहें, उन्होंने कहा, "हम अमरीका इतिहास बदलने से सिर्फ़ चार दिन दूर हैं."

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