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गंगा की मुक्ति के लिए दी जाएगी 108 नारियलों की आहूति

By Staff
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वाराणसी, 1 नवंबर (आईएएनएस)। वाराणसी में गंगा की मुक्ति के लिए आगामी कार्तिक पूर्णिमा के दिन एक अनोखे यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। वाराणसी के राजेंद्र प्रसाद घाट पर आयोजित होने वाले इस यज्ञ में ग्यारह रूद्रों के लिए ग्यारह कद्दू और 108 नारियलों की आहूति दी जाएगी।

पिछले 96 से दिनों से मां गंगा की मुक्ति के लिए अनशन कर रहे बाबा नागनाथ योगेश्वर अब किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। शासन, प्रशासन से लेकर जन प्रतिनिधियों तक की अवहेलना से खासे नाराज बाबा अब अपने आंदोलन को आक्रामक तेवर देना चाहते हैं।

बाबा ने साफ शब्दों में चेताया है कि अब सरकार का लालीपॉप हम नहीं लेंगे। बाबा ने अपने आंदोलन की रणनीति के बारे में बताया कि इस यज्ञ में मां गंगा की मुक्ति का संकल्प लिया जाएगा। इस यज्ञ में बड़ी संख्या में संतों के एकत्र होने की बात कही जा रही है।

बाबा नागनाथ ने कहा कि जब मां भारती कैद थी तो उनको मुक्त कराने के लिए कुर्बानी देनी पड़ी थी। मां गंगा को भी टिहरी में कैद करके रखा गया है। इनकी मुक्ति के लिए भी अब कुर्बानी देनी पड़ेगी और इसमें सबसे पहली कुर्बानी मैं दूंगा।

बाबा ने सरकार पर आम जनमानस की आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मां गंगा का आस्तित्व तभी है जब उनकर प्रवाह अविरल बना रहे। सरकार ने इस प्रवाह को बाधित किया है और इसका खामियाजा उसको भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे आनेवाली पूर्णिमा तक नहीं मानी जाती हैं तो वे यज्ञ के बाद धर्म रक्षा मंच का गठन करेंगे। इस मंच के अन्तर्गत संन्यासियों और कारसेवकों की भर्ती की जाएगी और ये सभी टिहरी पहुंचकर मां गंगा को बांध से मुक्त कराकर रहेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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