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'चरमपंथियों के गढ़ पर सेना का कब्ज़ा'

By Staff
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लड़ाई के कारण इलाक़े से दो लाख से अधिक लोग पलायन कर गए हैं
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े में अफ़ग़ान सीमा के नज़दीक चरमपंथियों के एक मज़बूत गढ़ लुइसम क़स्बे पर सैनिकों ने कब्ज़े का दावा किया है.

एक वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने कहा कि बाजौड़ क़बायली इलाक़े में सैनिकों ने लुइसम क़स्बे पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है.

सेना पर लगातार हमलों के बाद अगस्त माह की शुरूआत में उत्तर पश्चिमी इलाक़े में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ मुहिम छेड़ी गई थी.

पाकिस्तान की सेना का कहना है कि इस मुहिम में अभी तक लगभग 1500 चरमपंथी और 73 सैनिक मारे जा चुके हैं.

अफ़ग़ानिस्तान से घुसपैठ

सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने इससे पहले कहा था कि मुहिम के शुरूआती दिनों में हर दूसरे तीसरे दिन कम से कम 200 हथियारबंद चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान से बाजौड़ में घुस आते थे.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान से घुस आए हथियारबंद चरमपंथी स्थानीय चरमपंथियों के साथ मिलकर सेना के ख़िलाफ़ लड़ना शुरू कर देते थे.

ख़ान के मुताबिक सेना को बाजौड़ में परंपरागत लड़ाई के बजाए संगठित युद्ध का सामना करना पड़ रहा है.

ख़ान ने कहा कि बाजौड़ सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से सूबा सरहद और अन्य इलाक़ों तक पहुँचना आसान है और इसे जंग का केंद्र माना जा सकता है.

अमरीका ने पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा के लिए ज़िम्मेदार चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए कहा है.

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