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प्रणव के श्रीलंका जाने की संभावना

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मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को इस मसले पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति से बात की
श्रीलंकाई तमिलों पर कथित हमलों के विरोध में एक और डीएमके सांसद ने इस्तीफ़ा दिया है. इस बीच भारतीय विदेश मंत्री के श्रीलंका जाने की संभावना है.दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की राजनीति में श्रीलंका के तमिल लोगों का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है.

हाल के दिनों में श्रीलंकाई सेना ने अलग राष्ट्र की माँग कर रहे तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई पर शिकंजा कसा है और देश के पूर्वोत्तर इलाक़ों में भारी संघर्ष हुआ है. तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम यानी डीएमके का कहना है कि इन हमलों में निर्दोष तमिल प्रभावित हो रहे हैं और श्रीलंका की सरकार को इस तरह के हमले रोकने चाहिए.

डीएमके ने भारत सरकार पर इस मामले में निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया था और उसके 17 सांसदों ने अपना इस्तीफ़ा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पार्टी के नेता एम करुणानिधि को सौंप दिया है.हालाँकि इस्तीफ़ा 28 अक्तूबर के बाद लागू होगा.

प्रणव श्रीलंका जा सकते हैं

केंद्र में सत्तरुढ़ यूपीए सरकार में शामिल डीएमके के बढ़ते दबाव के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से हुई बातचीत में श्रीलंकाई सेना को संयम बरतने की सलाह दी थी.

प्रणव मुखर्जी वहाँ के ज़मीनी हालात का जायज़ा लेंगे. इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने कुछ उच्चपदस्थ अधिकारियों के हवाले से कहा है कि विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ख़ुद श्रीलंका जाने की तैयारी कर रहे हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि विदेश मंत्री श्रीलंका जाकर वहाँ की स्थिति का जायजा लेंगे. भारतीय प्रधानमंत्री ने राजपक्षे से कहा था कि श्रीलंका सरकार को एलटीटीई के विरुद्ध जारी संघर्ष के दौरान तमिलों के अधिकारों और सुरक्षा का ख़याल रखना चाहिए.

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