• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

चुनाव की घोषणा पर मिश्रित प्रतिक्रिया

By Staff
|
हुर्रियत ने इस फ़ैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में चुनाव की घोषणा पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है. हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस और जेकेएलएफ़ ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है.

लेकिन राज्य की सबसे बड़ी पार्टी नेशनल कॉन्फ़्रेंस ने कहा है कि वह इस चुनौती के लिए तैयार है. चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि जम्मू-कश्मीर में सात चरण में मतदान कराए जाएँगे.

सात चरणों में मतदान 17 नवंबर से 24 दिसंबर तक कराए जाएँगे जबकि 31 दिसंबर को चुनाव परिणाम आएगा.

शुरू में कई भारत समर्थक राजनीतिक दलों ने जम्मू-कश्मीर में हाल के आंदोलन के मद्देनज़र चुनाव पर आपत्ति जताई थी.

चुनौती

लेकिन अब एक अहम पार्टी नेशनल कॉन्फ़्रेंस का कहना है कि वह इस चुनौती के लिए तैयार है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता महबूब बेग़ ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव से दूर नहीं रहेगी.

हमें उम्मीद थी कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर मसले के हल के लिए एक प्रस्ताव लाएँगे और इस प्रक्रिया में कश्मीरी प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा. हम उम्मीद कर रहे थे कि क़ैदियों की रिहाई और आर्म्ड फ़ोर्स स्पेशल पावर्स एक्ट जैसे क़ानूनों को वापस लिया जाएगा ताकि भरोसा बढ़े. लेकिन इसके बदले भारत सरकार ये सोचती है कि चुनाव ही इसका जवाब है
उन्होंने कहा, "यह चुनौतीपूर्ण कार्य है लेकिन हम इस चुनावी प्रक्रिया में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शामिल करने की कोशिश करेंगे." महबूब बेग़ ने कहा कि राज्य में चुनी हुई सरकार राज्यपाल शासन से बेहतर है.

उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए सरकार का गठन ज़रूरी है. लेकिन अलगाववादी संगठन पहले ही चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं.

ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के उदारवादी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने चुनाव की घोषणा को 'दुर्भाग्यपूर्ण' कहा है. उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ग़लतियों से सबक नहीं सीखा है.

उम्मीद

उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद थी कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर मसले के हल के लिए एक प्रस्ताव लाएँगे और इस प्रक्रिया में कश्मीरी प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा. हम उम्मीद कर रहे थे कि क़ैदियों की रिहाई और आर्म्ड फ़ोर्स स्पेशल पावर्स एक्ट जैसे क़ानूनों को वापस लिया जाएगा ताकि भरोसा बढ़े. लेकिन इसके बदले भारत सरकार ये सोचती है कि चुनाव ही इसका जवाब है."

नेशनल कॉन्फ़्रेंस ने इस 'चुनौती' को स्वीकार किया है

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने चुनाव आयोग की घोषणा पर फ़िलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

पिछले दिनों जब चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर में मतदान की तारीख़ की घोषणा नहीं की थी तो पार्टी ने कहा था कि उसके रुख़ को समर्थन मिला है.

भारतीय जनता पार्टी को चुनाव टाले जाने के किसी भी फ़ैसले का पहले से ही विरोध कर रही थी. जबकि कांग्रेस पार्टी का कहना है कि वह चुनाव आयोग के फ़ैसले के साथ है.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more