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कानपुर का चमड़ा उद्योग भी वैश्विक वित्तीय संकट की चपेट में

By Staff
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कानपुर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका और यूरोप में छाए वित्तीय संकट की मार कानपुर के चमड़ा उद्योग पर भी पड़ने लगी है। सालाना करीब 4500 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले इस उद्योग के निर्यात में हाल में खासी गिरावट आई है।

काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के अध्यक्ष मुख्तारुल अमीन ने आईएएनएस को बताया कि आमतौर पर हर साल सितंबर-अक्टूबर तक कानपुर के चमड़ा उद्योग को करीब 3500 करोड़ रुपये की बुकिंग मिल जाती है, लेकिन इस साल यह आंकड़ा 3000 करोड़ रुपये तक भी नहीं पहुंचा है।

आर्थिक मंदी के चलते चमड़ा निर्मित उत्पादों की बिक्री न होने से अमेरिकी और यूरोपीय व्यापारी नए आर्डर लेने का जोखिम नहीं उठा रहे हैं।

मिर्जा इंटरनेशनल के मालिक इरशाद मिर्जा ने बताया कि यूरोप और अमेरिका के चमड़ा व्यापारी जहां पुराने ऑर्डरों की सप्लाई लेने से इनकार कर रहे हैं वहीं नए ऑर्डर 10 से 20 फीसदी कम दामों में बुक करने का दबाव बना रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कुल चमड़े के निर्यात का 70 फीसदी अकेले यूरोपीय देशों को होता है लेकिन वित्तीय संकट के चलते इस समय वहां माल की खपत नहीं हो रही है।

निर्यात में आई गिरावट से कानपुर की ज्यादातर टेनरियों में काम बंद होने के कगार पर है। इसके चलते श्रमिकों को छंटनी का भय सता रहा है। कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 टेनरियां हैं और इनमें करीब चार लाख श्रमिक हैं।

मॉडल टेनर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मकसूद आलम कहते हैं कि निर्यात में कमी आने से ज्यादातर टेनरियों में पूरी क्षमता से काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अगर यही स्थिति रही तो करीब 20 फीसदी श्रमिकों की छंटनी संभव है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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