• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

गर्माहट भरा हो सकता है संसद का सत्र

By Staff
|
संसद के विशेष सत्र पर पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों की छाया भी दिखाई देगी
शुक्रवार से शुरू हो रहे भारतीय संसद के विशेष सत्र में सत्तापक्ष को विपक्ष से परमाणु क़रार और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर कड़ा विरोध झेलना पड़ सकता है.

यह सत्र ऐसे वक्त में हो रहा है जब वित्तीय संकट और कर्नाटक, उड़ीसा में हाल की सांप्रदायिक घटनाओं के मुद्दे पर सरकार को कड़ा विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

सरकार को परमाणु क़रार भले ही अपनी एक बड़ी उपलब्धि लगे पर कल तक संसद में सत्तापक्ष के साथ बैठनेवाले वामदल इसी मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे.

वहीं आंतकवाद के मुद्दे पर और देश के कई हिस्सों में पिछले महीनों में हुई चरमपंथी घटनाओं के मद्देनज़र प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सहित एनडीए के अन्य घटक सरकार का कड़ा विरोध करेंगे.

ऐसे में संसद के मौजूदा सत्र में विरोध और तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर देखने को मिलेगा.

कई विधेयक प्रस्तावित

संसद के इस विशेष सत्र में कई विधेयक भी प्रस्तावित हैं.

मसलन, जजेज़ इंन्क्वारी बिल, सांप्रदायिकता पर विशेष विधेयक, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक और प्राथमिक शिक्षा को देशभर के बच्चों के लिए अनिवार्य और निशुल्क बनाने संबंधी विधेयक लाए जाएंगे.

पर जानकार मानते हैं कि जिस तरह की परिस्थितियों में संसद का मौजूदा सत्र शुरू हो रहा है, ऐसे में इन विधेयकों का पारित हो पाना ज़रा मुश्किल हो सकता है.

वजह यह है कि सत्र पर ज़्यादा असर सरकार को घेरने और विरोध-प्रतिक्रियाओं का रहने वाला है.

देश के पाँच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सरकार को घेरने की कोशिश के विपक्षी दल पीछे नहीं हटेंगे.

विशेष होगा सत्र

वैसे यह यूपीए के कार्यकाल का पहला सत्र होगा जिसमें वामदल विपक्ष में नज़र आएंगे तो समाजवादी पार्टी यूपीए के सुर में सुर मिलाती दिखेगी.

पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हुई हिंसक घटनाओं और इसके अलावा उड़ीसा, कर्नाटक में ईसाई समुदाय के लोगों पर हुए हमलों का मुद्दा भी गर्माया रहेगा.

विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार पर यह आरोप लगता रहा है कि अल्पसंख्यकों के प्रति हिंसा की घटनाओं में केंद्र राज्य सरकारों से कड़ाई से पेश नहीं आई और हिंसा की इन घटनाओं को समय रहते रुकवाने में अपनी भूमिका प्रभावी तरीके से नहीं अपना सकी.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more