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ओबामा, मैक्केन की अंतिम बहस

By Staff
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बहस के बाद कुछ ऐसे क्षण भी देखे टेलीविज़न दर्शकों ने
अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा और जॉन मैक्केन ने आख़िरी बहस में वित्तीय संकट का हल निकालने के लिए अलग-अलग विचार रखे हैं.

जहाँ तक आम अमरीकी नागरिक के आर्थिक कर्ज़ का हल निकाले का महत्व है, वहाँ तक तो दोनों नेता सहमत दिखे. लेकिन इसके समाधान के बारे में और कर नीति के बारे में दोनों नेताओं ने अलग-अलग विचार रखे हैं.

राष्ट्रपति पद के चुनावों से तीन हफ़्ते पहले ये बहस न्यूयॉर्क राज्य में लांग आईलैंड में हॉफ़्स्ट्रा यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई जिसका संचालन सीबीएस न्यूज़ के बॉब स्कीफर ने किया.

जहाँ ओबामा का कहना था कि उनकी योजना के मुताबिक वित्तीय संकट से जूझ रहे घरों के मालिकों को मदद मिलेगी, वहीं ओबामा का कहना था कि उनकी योजना के तहत नौकरियाँ पैदा होंगी और बैंकों को पैसा देने की जगह घरों के मालिकों को मदद मिलेगी.

ये बहस अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, ऊर्जा, गर्भपात और नेतृत्व जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही.

ताज़ा सर्वेक्षणों के नतीजों के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन से 14 अंक आगे चल रहे हैं. ये सर्वेक्षण न्यूयॉर्क टाइम्स और सीबीएस न्यूज़ ने कराया है.

सर्वेक्षण में भाग लेने वाले अधिकतर वोटरों की राय थी कि मैक्केन के बारे में उनकी नकारात्मक राय ओबाम पर किए गए उनके तीखे प्रहारों की वजह से बदली है.

वित्तीय संकट से जूझ रहे अमरीका में सरकारी कदमों के बावजूद बाज़ार में गिरावट जारी है

सर्वेक्षण के मुख्य विषय

न्यूयॉर्क टाइम्स और सीबीएस न्यूज़ के सर्वेक्षण में ओबामा को 53 प्रतिशत और मैक्केन को 39 प्रतिशत मत मिले हैं.

कई लोगों ने सारा पैलिन को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने के मैक्केन के फ़ैसले की आलोचना की है और अपना समर्थन नहीं देने की वजह इसी को बताया है.

ओबामा पहली बार पुऱुषों और स्वतंत्र उम्मीदवारों की पसंद बताए जा रहे हैं और पिछले कुछ महीनों में ओबामा ने इन समूहों पर ही ध्यान केंद्रित किया था.

भिन्न योजनाएँ

मैक्केन ने अपनी आर्थिक योजना में 52 अरब डॉलर की टैक्स कटौती की पेशकश रखी है ताकि सेवानिवृत्त लोगों को फ़ायदा हो और उन लोगों को राहत मिले जिनका पैसा डूब गया है.

उधर ओबामा ने विभिन्न राज्यों को मदद के लिए 60 अरब डॉलर आपात पैकेज देने का प्रस्ताव किया है जिससे उन लोगों को रोज़गार मिल सके जिनकी नौकरियाँ ख़त्म हो गई हैं.

ओबामा का कहना है कि रिपब्लिकन पार्टी की नीतियां सभी लोग देख चुके हैं और अब समय आ गया है कि डेमोक्रेट पार्टी सत्ता में आए. उधर मैक्केन ने माना है कि बुश की नीतियों से लाभ नहीं हुआ है और कुछ बड़े फैसले जल्दी करने होंगे.

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