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'दुनिया में शांति के लिए मुस्लिम व ईसाई जगत में संवाद जरूरी'

By Staff
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    अस्ताना, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। अगर मुसलमानों और ईसाइयों में शांति और सुलह के लिए कदम नहीं उठाए गए तो दुनिया के भविष्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है। शुक्रवार को कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नुरसुल्तान नजरबायेव ने यह बात कही।

    अस्ताना, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। अगर मुसलमानों और ईसाइयों में शांति और सुलह के लिए कदम नहीं उठाए गए तो दुनिया के भविष्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है। शुक्रवार को कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नुरसुल्तान नजरबायेव ने यह बात कही।

    कजागिस्तान की राजधानी अस्ताना में 'सामूहिक विश्व, विभिन्नताओं के जरिए प्रगति' पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में नजरबायेव ने कहा कि विश्व सुरक्षा के लिए आतंकवाद के साथ मुसलमानों समेत अन्य धर्मावलंबियों में अलग-थलग कर दिए जाने की व्याप्त भावना भी खतरा है। इनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

    नजरबायेव ने कहा, "इस तरह की बातों को थोपा जा रहा है कि मुसलमान पश्चिमी सभ्यता के लिए खतरा हैं या फिर ईसाई जगत दुर्भावना बस इस्लामिक देशों पर अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है।"

    उन्होंने कहा, "इस तरह की बातों की निंदा की जानी चाहिए। मैं इसमें दोनों 'इस्लामोफोबिया' और पश्चिम विरोधी भाव की बात कर रहा हूं। अब यह जरूरी हो गया है कि भाईचारे को तोड़ने वाली ताकतों के खिलाफ सामूहिक प्रयास किए जाएं। "

    नजरबायेव ने कहा कि दुनिया की कोई समस्या इस्लामिक देशों की सहभागिता के बगैर नहीं हल की जा सकती।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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