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अमरीकी परमाणु व्यापारिक दल भारत आएगा

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carlos-gutierrez
वाशिंगटन, 16 अक्टूबर: अमरीका में असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल आगामी दिसंबर में भारत की यात्रा पर जाएगा।

अमरीका के वाणिज्य मंत्री कोर्लोस गतिरेज ने कल यहां अमरीका भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से आयोजित ग्रीन इंडिया सम्मेलन में यह जानकारी दी।

गतिरेज ने बताया कि अमरीकी उद्यमियों का भारत जाने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल होगा और यह दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाएं तलाशेगा।

गौरतलब है कि यूएसआईबीसी और सीआईआई भारत अमरीका असैन्य परमाणु करार पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग की दिशा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को अधिक से अधिक सुनिश्चित करने की संभावनाएं तलाशने में जुटे हैं।

ग्रीन इंडिया सम्मेलन में भी पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को उद्योग जगत में बढ़ावा देने वाली अमरीकी कंपनियां डाओ केमिकल्स, जीई और वेस्टन सोल्यूसंस भी हिस्सा ले रही हैं।

सम्मेलन के माध्यम से अन्य कंपनियों को भी भारत में स्वच्छ तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक इकाईयों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विशेष दूत श्याम सरन अमरीका के पूर्व रक्षा मंत्री विलियम एस कोहेन और ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी हिस्सा लिया।

इस दौरान शिंदे और सरन ने भारत के अधोसंरचनात्मक विकास की दिशा में पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ तकनीकी का इस्तेमाल किये जाने की जरूरत पर बल देते हुये अमरीकी कंपनियों को भारत में निवेश के लिये आमंत्रित किया।

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