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एयर इंडिया कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजेगा

By Staff
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     जेट एयरवेज़ ने पहले ही अपने 19 सौ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है
    जेट एयरवेज़ से 19 सौ कर्मियों की छँटनी के बाद अब एयर इंडिया अपने 15 हज़ार कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजने की योजना बना रहा है.

    एयर इंडिया के मुख्य प्रबंध निदेशक रघु मेनन ने कहा, " हम अपने कर्मचारियों को बिना वेतन के तीन से पाँच साल की छुट्टी पर जाने की पेशकश देने की योजना बना रहे हैं."

    बुधवार को भारत की निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी विमानन कंपनी जेट एयरवेज़ ने अपने 19 सौ कर्मचारियों की नौकरी ख़त्म कर दी थी.

    विमानन कंपनी का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकट का असर विमानन कंपनियों पर भी पड़ रहा है और कंपनी को बचाने के लिए खर्च में कटौती करने की ज़रुरत है.

    इससे पहले मंगलवार को जेट एयरवेज़ और किंगफ़िशर एयरलाइन्स के बीच एक समझौता हुआ था और दोनों ने मिलकर काम करने का फ़ैसला किया था.

    संकट में उद्योग

    जेट एयरवेज़ की घोषणा के बाद ख़बर आई है कि एयर इंडिया अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने की योजना बना रहा है.

    हैदराबाद में समाचार एजेंसी पीटीआई से हुई बातचीत में रघु मेनन ने कहा, "हम इस योजना के लिए 15 हज़ार कर्मचारियों को प्रस्ताव देने का विचार कर रहे हैं."

    मेनन ने कहा कि जो कर्मचारी इस पेशकश को स्वीकार कर छुट्टी पर जाएँगे अगर वे बाद में वापस आना चाहेंगे तो हम उन्हें कुछ वरिष्ठता देकर और पुराने वेतन पर फिर नौकरी पर रखे लेंगे.

    जेट एयरवेज़ ने बुधवार को जिन लोगों को नौकरी से निकाला था उनमें से ज़्यादातर कैबिन कर्मचारी हैं. वे प्रशिक्षु के रूप में काम कर रहे थे.

    कंपनी प्रबंधन से इस बात से इनकार किया था कि वह अपने स्थायी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है.

    प्रबंधन ने कहा था कि हालात बेहतर होने पर निकाले गए इन कर्मचारियों को फिर नौकरी पर रख लिया जाएगा.

    जेट एयरवेज़ ने नौकरियाँ ख़त्म करने की घोषणा अपने प्रतिद्वंदी विमानन कंपनी किंगफ़िशर के साथ हुए एक समझौते के बाद की.

    समझौते के तहत अब दोनों कपनियाँ उड़ानों की संख्या कम करेंगी.

    हालांकि किंगफ़िशर एयरलाइंस ने कहा है कि वह अपने कैबिन कर्मियों की छँटनी नहीं करेगा.

    अपने एक और साझेदार डेक्कन एयर के कैप्टन जीआर गोपीनाथ से बुधवार को हुई चर्चा के बाद किंगफ़िशर के संचालक विजय माल्या ने कहा, "हमारे पास कोई अतिरिक्त कर्मचारी नहीं हैं इसलिए किसी कैबिन कर्मी को निकाले जाने का सवाल ही नहीं है."

    प्रदर्शन

    कंपनी की इस घोषणा के बाद निकाले गए कर्मचारियों ने मुंबई में जेट एयरवेज़ के दफ़्तर पर प्रदर्शन की अपनी नौकरी बहाल करने की माँग की थी.

    उधर, समाचार एजेंसी यूएनआई के मुताबिक जेट एयरवेज़ से निकाले गए क़रीब सौ कर्मचारियों ने गुरुवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी घरेलू आवाई अड्डा पर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया.

    प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि उनकी बात सुनने के लिए जेट एयरवेज़ का कोई अधिकारी नहीं आया.

    इस बीच इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने चेतावनी दी है कि यदि जेट एयरवेज़ अपने कर्मचारियों को फिर से बहाल नहीं करता है तो उनकी पार्टी मुंबई में जेट एयरवेज़ के किसी विमान को उतरने या उड़ान भरने नहीं देगी.

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