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बुकर पुरस्कार विजेता अडिगा की किताब भारत के अंधेर पक्ष पर केंद्रित (लीड-1)

By Staff
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लंदन, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्ष 2008 का प्रतिष्ठित 'बुकर पुरस्कार' जीतने वाले भारतीय लेखक अरविंद अडिगा की किताब 'द व्हाइट टाइगर' मुख्यत: समाज में अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ती खाई पर आधारित है।

लंदन, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्ष 2008 का प्रतिष्ठित 'बुकर पुरस्कार' जीतने वाले भारतीय लेखक अरविंद अडिगा की किताब 'द व्हाइट टाइगर' मुख्यत: समाज में अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ती खाई पर आधारित है।

अडिगा का यह पहला उपन्यास 'बलराम हलवाई' की दास्तान कहता है, जो एक गांव के लड़के से कामयाब व्यवसायी बनने तक का सफर तय करता है। वह सफलता हासिल करने के लिए किसी भी साधन को अपनाना सही समझता है।

ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कार्पोरेशन (बीबीसी) के अनुसार अडिगा ने अपनी पुस्तक में बताया है कि किस तरह गरीब भारतीयों के पास अपना जीवनस्तर सुधारने के केवल दो रास्ते होते हैं। या तो वे अपराध की दुनिया में कदम रखें या फिर राजनीति में जाएं।

'बुकर पुरस्कार' के निर्णायकों के अध्यक्ष माइकल पोर्टिलो ने मंगलवार को यहां इस उपन्यास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह स्तब्ध तो करता ही है साथ ही यह उपन्यास पाठकों को बांधे रखने में भी सफल होता है।

अडिगा तीसरे ऐसे लेखक हैं जिन्हें अपने पहले ही उपन्यास के लिए 50,000 पाउंड राशि वाले इस पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने यह सम्मान दिल्ली को समर्पित किया जहां वो वर्षो तक रह चुके हैं।

अडिगा ने कहा, "दिल्ली को मैं प्यार करता हूं और चूंकि यह किताब उसी शहर के बारे में है तो मैं इसे वहां के लोगों को समर्पित करता हूं।"

इससे पहले सन 1997 में अरुं धती रॉय और सन 2003 में डीबीसी पियरे को अपनी पहली रचनाओं के लिए यह सम्मान मिल चुका है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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