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वित्तीय संकट से गहरा सकती है खाद्य समस्या

By Staff
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    रोम, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने बुधवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक वित्तीय संकट की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य पदार्थो की कमी की समस्या गहरा सकती है।

    रोम स्थित एफएओ के महानिदेशक जैक्स डिऑफ ने कहा कि वित्तीय संकट की वजह से धनी देश विकासशील देशों में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए दी जाने वाली मदद कम कर सकते हैं। ऐसा उन्हें नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उत्पादन में कमी आ सकती है और खाद्य समस्या गहरा सकती है।

    डिऑफ ने एक बयान में कहा, "वर्ष 2008 के दौरान अनाज के रिकार्ड उत्पादन की उम्मीद है, बावजूद इसके दूसरी बार खाद्य संकट की स्थिति बन सकती है।"

    गौरतलब है कि एफएओ खाद्य स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष पूरी दुनिया में अनाज के उत्पादन में 4.9 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। इसके रिकार्ड 2.232 अरब टन के स्तर पर जा पहुंचने की उम्मीद है।

    रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष रिकार्ड उत्पादन की उम्मीद के बावजूद कम से कम 36 देश ऐसे हैं, जिन्हें इस मामले में बाहरी मदद की जरूरत है। इन देशों में फसलें बर्बाद हो गई हैं, असुरक्षा की भावना बढ़ी है और स्थानीय स्तर पर कीमतें आसमान छू रही हैं।

    डिऑफ का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में फिलहाल अनिश्चितता की स्थिति है। इससे वैश्विक मंदी की स्थिति बन सकने की आशंका बढ़ी है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय विकास के प्रयासों को गहरा धक्का लग सकता है। नतीजतन खाद्य संकट निश्चित रूप से गहराएगा।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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