• search

बस खाई में गिरने से 23 की मौत

By शालिनी जोशी
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    हादसे के लिए सड़क निर्माण के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तरफ उंगलियाँ उठाई जा रही हैं
    उत्तराखंड में ऋषिकेष से देवप्रयाग जा रही एक बस के खाई में गिरने से 23 लोगों की मौत हो गई है और 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.

    ये हादसा ऋषीकेश से क़रीब 50 किलोमीटर दूर टिहरी मार्ग पर तशला नाम की जगह पर एक ऊँचे पहाड़ी रास्ते में हुआ.

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यहाँ ऊपर के पहाड़ को काटकर एक और सड़क बनाई जा रही है.

    उनका कहना है कि अचानक पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर जा रही बस पर आ गिरा जिससे बस अनियंत्रित हो गई और क़रीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरी.

    बस टिहरी गढ़वाल मोटर्स यूनियन की थी और इसमें 45 लोग सवार थे.

    टिहरी की जिलाधिकारी सौजन्या ने बताया, "सभी शवों को निकाल लिया गया है और घायल लोगों को ऋषिकेष और देहरादून के अस्पतालों में भेजा जा रहा है."

    सरकार ने मृतकों के परिजनों को 50-50 हज़ार रुपए मुआवज़ा देने की घोषणा की है और घायलों को पाँच से 25 हज़ार की सहायता दी जाएगी.

    घटनास्थल पर गए स्थानीय पत्रकार मुनेंद्र नेगी के मुताबिक, "बस के परखच्चे उड़ गए और उसके कई टुकड़े दूर-दूर तक गिरे पाए गए."

    सभी शवों को निकाल लिया गया है और घायल लोगों को ऋषिकेष और देहरादून के अस्पतालों में भेजा जा रहा है
    पहाड़ी रास्तों पर अक्सर चालक की लापरवाही या तेज़ गति के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं हो जाती हैं लेकिन इस हादसे में चालक की ग़लती नहीं बल्कि सड़क निर्माण के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तरफ उंगलियाँ उठाई जा रही हैं.

    ख़स्ताहाल सड़क

    यहाँ चल रहे निर्माण कार्य के लिए न तो कोई चेतावनी थी और न कोई पूर्व सूचना.

    ये बड़ा हादसा तब हुआ है जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूरी ने पिछले ही सप्ताह राज्य में सड़कों के ख़स्ताहाल पर अधिकारियों को जवाब-तलब किया था.

    उन्होंने अधिकारियों से विशेष हिदायत बरतने के लिए कहा था और 15 दिनों के अंदर उनसे रिपोर्ट मांगी थी.

    राजधानी देहरादून से मसूरी जा रही एक जीप के ही मंगलवार को गहरी खाई में गिरने से छह लोगों की मौत हो गई.

    ग़ौरतलब है कि खंडूरी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार के दौरान पूरे देश में सड़कों के जाल बिछाने की स्वर्णिम चतुर्भुज योजना में काफी वाहवाही बटोरी थी लेकिन अपने गृहप्रदेश में सड़क निर्माण या सड़क सुरक्षा के मामले में वो हमेशा आलोचना के घेरे में रहे हैं.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more