• search

सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले दलों पर अंकुश लगे : मायावती

By Staff
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    लखनऊ, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार, न्यायपालिका और चुनाव आयोग से वोट बैंक के लिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले राजनीतिक दलों पर अंकुश लगाने की अपील की है।

    सोमवार को यहां आयोजित अखिल भारतीय मुस्लिम सम्मेलन को संबोधित करती हुई मायावती ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल देश में व्याप्त सांप्रदायिक सौहार्द के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। ऐसे राजनीतिक दलों के क्रियाकलापों पर केंद्र, न्यायपालिका और चुनाव आयोग को पहल कर अंकुश लगाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि उड़ीसा, कर्नाटक समेत देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं से अल्पसंख्यकों का विश्वास डगमगाया है। आतंकी हमलों में चंद लोग शामिल होते हैं लेकिन पूरे मुस्लिम समुदाय को संदेह की नजर से देखा जाता है। पुलिस और प्रशासन द्वारा बेगुनाहों को परेशान किया जाता है, जो देश के लिए घातक साबित हो सकता है।

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि आजादी के बाद देश पर करीब 45 साल राज करने के बाद भी कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया। मुस्लिम समुदाय कांग्रेस शासनकाल में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और ज्यादा पिछड़ गया।

    बसपा सुप्रीमो ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र भेजकर उड़ीसा और कर्नाटक की घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुकी हैं। दिल्ली के बाटला हाउस में हुई पुलिस मुठभेड़ के बारे में उन्होंने केंद्र सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more