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बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव

By Staff
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नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। वित्तीय बाजार के मौजूदा उथल-पुथल पर नियंत्रण के लिए सरकार नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और ब्याज दरों में और कटौती समेत कई मौद्रिक उपाय करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। वित्तीय बाजार के मौजूदा उथल-पुथल पर नियंत्रण के लिए सरकार नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और ब्याज दरों में और कटौती समेत कई मौद्रिक उपाय करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, "मौजूदा वित्तीय संकट से निपटने में वित्तीय उपाय सबसे ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हैं। जब संकट वैश्विक हो, तो तरलता की कमी से सुरक्षा के लिए ये उपयोगी कदम हैं।"

पहचान गुप्त रखने का आग्रह करते हुए अधिकारी ने कहा, "इसी के मद्देनजर सीआरआर में 50 आधार अंकों यानी 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त कटौती कर इसे सात प्रतिशत के स्तर पर लाने की सलाह दी गई है। इससे मांग मुद्रा दर में अनुकूलता आएगी।"

गौरतलब है कि शुक्रवार को मांग मुद्रा दर 24 प्रतिशत के स्तर पर जा पहुंची थी, त्वरित उपाय नहीं किए जाने की स्थिति में इसके पांच से सात प्रतिशत और बढ़ जाने की आशंका है। मांग मुद्रा दर वह दर है, जिस पर बैंक रात भर के लिए एक-दूसरे से कर्ज लेते हैं। इसका इस्तेमाल कोष में कमी से अस्थाई तौर पर निपटने के लिए किया जाता है।

अधिकारी ने बताया कि भरतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नन डी. सुब्बाराव वित्तीय बाजारों में तरलता का अध्ययन करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों और केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से इस मसले पर चर्चा करेंगे।

सुब्बाराव फिलहाल वाशिंगटन में हैं। वे विश्व मुद्रा कोष (आईएमएफ) के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए वहां गए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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