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    औद्योगिक संगठनों की बाजार में 1,000 अरब रुपये डालने की अपील (लीड-1)

    By Staff
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    नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। सरकार द्वारा वैश्विक वित्तीय संकट के चलते देश में तरलता की कमी की बात स्वीकार करने के एक दिन बाद प्रमुख औद्योगिक संगठनों ने उससे बाजार में 1,000 अरब रुपये डालने की अपील की है।

    गुरुवार को दो अलग-अलग वक्तव्यों में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और एसोसिएटेड चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने सरकार से कहा है कि वह देश को मौजूदा संकट से बचाने के लिए कुछ साहसी कदम उठाए।

    सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "सीआईआई देश की अर्थव्यवस्था के बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की बात से सहमत है लेकिन फिर भी सावधानी बरतते हुए कुछ उपाय अपनाने की आवश्यकता है।"

    सीआईआई ने कहा कि हालांकि मुद्रास्फीति की दर में कमी आ रही है और अगर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रेपो दरों में आधा फीसदी कमी कर दे तो यह बेहद कारगर सिद्ध होगा। इसके अलावा शेयर बाजारों में तरलता बनाए रखने के लिए एक कोष बनाने, वाणिज्यिक ऋण की शर्तो में ढील और अनिवासी भारतीयों की जमा की गई राशि पर ब्याज दर बढ़ाने के सुझाव भी दिए गए हैं।

    ऐसे ही एक अन्य वक्तव्य में एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन सिंह जिंदल ने कहा कि संगठन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से तत्काल कुछ साहसी कदम उठाने की मांग की है।

    संगठन ने सरकार से वित्तीय बाजार में 1,000 अरब रुपये डालने और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में क्रमश: दो और तीन फीसदी की कमी करने की मांग की है।

    इंडो एशियन न्यूज सर्विस।

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