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न्यायाधीशों के खिलाफ जांच के लिए बनेगा पैनेल (लीड-2)

By Staff
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    नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को शीर्ष न्यायापालिका के न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए पैनल गठित करने, अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षित सीटों को गैर आरक्षित वर्ग को नहीं देने, किसानों के पुनर्वास संबंधी योजना को वर्ष 2011 तक जारी रखने और अंतिम चरण के चुनाव होने तक एग्जिट पोल पर रोक लगाने संबंधी प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी।

    प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि शीर्ष न्यायापालिका के न्यायाधीशों के खिलाफ भ्रष्टाचार और दुर्व्यहार की शिकायतों की जांच के लिए प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यायिक परिषद का गठन किया जाएगा। इसके लिए संसद में न्यायाधीशों के खिलाफ जांच (संशोधित) विधेयक 2008 पेश किया जाएगा। विधेयक में संसदीय समिति के कुछ सुझावों को शामिल किया जाएगा।

    वित्त मंत्री ने कहा कि लोक सेवाओं और केंद्र सरकार की नौकरियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को प्र्याप्त प्रतिनिधित्व और उनके लिए आरक्षित सीटों को गैर आरक्षित वर्ग को नहीं देने के लिए एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि विधेयक में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के प्रशिक्षण में भेदभाव बरतने और आरक्षण के नियमों को लागू नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ दंड लगाने का प्रावधान होगा। बैठक में इससे संबंधित पूर्व के विधेयक की जगह नए विधेयक को पेश करने पर फैसला किया गया।

    चिदंबरम ने कहा, "अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों को गैर आरक्षित वर्ग में नहीं डाला जाएगा और जब तक उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिल जाता तब तक ये सीटें बनी रहेंगी।"

    मंत्रिमंडल ने एक अहम फैसले में लोकसभा चुनावों से पूर्व एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। फैसले में कहा गया कि जब तक अंतिम चरण के चुनाव समाप्त नहीं हो जाते तब तक एक्जिट पोल पर प्रतिबंध रहेगा।

    इसकी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "ऐसा करने से मतदाता एक्जिट पोल के परिणामों से प्रभावित हुए बगैर मतदान कर सकेंगे। इस संबंध में संसद के आगामी सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा।"

    उल्लेखनीय है कि इस साल के अंत में दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर में चुनाव होने हैं जबकि अगले साल लोकसभा के चुनाव संभावित हैं।

    मंत्रिमंडल ने उन चार राज्यों, जहां किसानों के आत्महत्या करने के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, में आर्थिक मदद मुहैया कराने की योजना को जारी रखने पर मुहर लगाई है। इस योजना के तहत 170 अरब रुपये खर्च किए जाएंगे।

    आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र के 31 जिलों के किसानों के लिए चल रही योजना को 30 सितम्बर 20011 तक बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, "कैबिनेट ने इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसे बेहतर बनाने का फैसला किया है।"

    उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2006 में इस योजना की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री ने 1 जुलाई 2006 को विदर्भ का दौरा किया था और किसानों के पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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