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'ज़रदारी ने आतंकवादी नहीं कहा'

By राजेश जोशी
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    शेरी रहमान पाकिस्तान की सूचना मंत्री हैं
    पाकिस्तान की सूचना मंत्री शेरी रहमान ने कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कश्मीर में संघर्ष करने वालों को आतंकवादी नहीं कहा है.

    प्रस्तुत है शेरी रहमान के साथ बीबीसी हिंदी की बातचीत के कुछ अंश.

    राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के इस बयान के पीछे क्या मक़सद था कि कश्मीर में लड़ने वाले लोग आतंकवादी हैं?

    जी नहीं, राष्ट्रपति ज़रदारी ने ये नहीं कहा है कि कश्मीर में संघर्ष करने वाले लोग आतंकवादी हैं.

    उन्होंने बहुत स्पष्ट तौर पर हमेशा वहाँ के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों की हिमायत की है.

    पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पिछले चालीस साल से ये रुख़ रहा है और वो उस पर भरपूर तौर पर क़ायम हैं. उन्होंने इस तरह बिल्कुल नहीं कहा है,

    लेकिन अमरीका में राष्ट्रपति बुश और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात करने के बाद उन्होंने अख़बार को इंटरव्यू दिया कि भारत पाकिस्तान के लिए कभी ख़तरा नहीं है. इसका क्या मक़सद रहा होगा?

    उन्होंने आज के परिप्रेक्ष्य में ये बात की है कि आजकल हम भारत को पाकिस्तान के लिए ख़तरा नहीं समझते. जो हमारे बीच रंजिश रही है.

    तीन चार लड़ाइयाँ लड़ी गईं हैं. हम उस बात से आगे निकल गए हैं. इस वक़्त जो हमारे हालात हैं. जो क्षेत्र में हमारे संबंध हैं हम उनको तरतीब देना चाहते हैं और व्यापार को आगे बढ़ाना चाहते हैं और शांति के नए दौर पर काम करना चाहते हैं. जो बात कही है वो एक ख़ास परिप्रेक्ष्य में कही गई हैं.

    तो फिर उनके इंटरव्यू पर बवाल ही क्यों हुआ?

    जी नहीं, यहाँ कोई मुहिम नहीं छिड़ी है.

    लेकिन विपक्षी पार्टी जमीयते उलेमा ए इस्लाम पार्टी के मौलाना फ़ज़लुर्रमान ने विरोध किया है?

    इस वक़्त जो हमारे हालात हैं. जो क्षेत्र में हमारे संबंध हैं हम उनको तरतीब देना चाहते हैं और व्यापार को आगे बढ़ाना चाहते हैं और शांति के नए दौर पर काम करना चाहते हैं. जो बात कही है वो एक ख़ास परिप्रेक्ष्य में कही गई हैं
    उन्होंने ज़रूर बयान दिया होगा. उनका हक़ है बयान देना. इस तरह के बयान देना. मिस कम्युनिकेशन हमेशा होते रहते हैं.

    लेकिन भारत ने राष्ट्रपति ज़रदारी के बयान का स्वागत किया है. क्या ज़रदारी साहब की ज़बान फिसल गई थी

    उन्होंने जिस परिप्रेक्ष्य में बात की थी वो मैं स्पष्ट कर चुकी हूँ. जो पहला बयान था, वो दरअसल बयान नहीं उनके इंटरव्यू का आशय निकाला गया है. सबको हक़ है कि वो जैसे चाहें उस बात को समझें.

    कश्मीर में बाहर से आकर लड़ने वाले लोगों को आपकी पार्टी क्या स्वतंत्रता सेनानी मानती है या आतंकवादी?

    जी हम आज़ादी की लड़ाई लड़ने वालों और आतंकवादियों में हमेशा फ़र्क़ करते हैं.

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