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जर्मनी जमा खातों पर गारंटी देगा

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इस बैंक के दिवालिया होने से इसका प्रभाव दूसरे देशों के वित्तीय संस्थानों पर पड़ेगा
जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने सभी निजी जमा खातों के लिए गारंटी देने की घोषणा की है. इधर जर्मनी का एक प्रमुख बैंक दिवालिया होने के कगार पर है.
एंगेला मर्केल ने ये घोषणा केंद्रीय बैंक और वित्त नियामक संस्थानों के साथ आपात बैठक के बाद की.

दूसरी ओर जर्मनी का दूसरा सबसे बड़ा मकानों के लिए कर्ज़ देनेवाला बैंक हाईपो रियल दिवालिया होने के कगार पर है और उसको बचाने की कोशिशें कामयाब नहीं रही हैं.हाईपो रियल का कहना है कि वो अब अपने कारोबार के लिए वैकल्पिक तरीकों का अध्ययन कर रहा है.

इसके पहले एंगेला मार्केल ने आयरलैंड और इटली की सरकारों की बचत खातों की गारंटी देने के लिए कड़ी आलोचना की थी.

हम एक वित्तीय संस्थान के गड़बड़ाने का असर पूरी वित्तीय व्यवस्था पर नहीं पड़ने दे सकते. यही वजह है कि हम हाईपो रियल को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं
एंगेला मर्केल का कहना था,'' हम एक वित्तीय संस्थान के गड़बड़ाने का असर पूरी वित्तीय व्यवस्था पर नहीं पड़ने दे सकते. यही वजह है कि हम हाइपो रियल को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.''

जानकारों का कहना है कि इस बैंक के दिवालिया होने का असर दूसरे देशों के वित्तीय संस्थानों पर भी पड़ेगा. बीबीसी के बिज़नेस संपादक रोबर्ट पेटसन का कहना है कि जर्मनी का फ़ैसला वक्त की ज़रूरत है और ब्रिटेन समेत सभी यूरोपीय देश इसका अनुसरण करेंगे.

इसके पहले शनिवार को ब्रितानी, जर्मन, फ़्रांसीसी और इतालवी नेता संकट से घिरे वित्तीय संस्थाओं को मदद करने पर सहमत हुए थे. लेकिन इस बैठक में अमरीका की तरह किसी वित्तीय पैकेज की घोषणा नहीं की गई थी.

बैठक के बाद इन यूरोपीय नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर विकसित देशों के समूह जी-8 का सम्मेलन जल्द बुलाने की बात कही थी जिससे वित्तीय बाज़ार को लेकर ज़रूरी क़दमों की समीक्षा की जा सके.

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