बैंकों को राहत देने के लिए तैयार हैं ईयू नेता
पेरिस, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता बैंकिंग प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए सदस्य देशों को स्थिरता और विकास समझौते की बाध्यता से थोड़ी राहत देने पर सहमत हो गए हैं।
स्थिरता और विकास समझौता वर्ष 1997 में अस्तित्व में आया था। इसके तहत ईयू के सदस्य देश समान वित्तीय और मौद्रिक नीति अपनाने के लिए बाध्य हैं। इस समझौते के मुताबिक ईयू के किसी भी सदस्य देश का अधिकतम बजट घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का तीन प्रतिशत और लोक ऋण की सीमा जीडीपी का 60 प्रतिशत रखी गई है।
फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी, जर्मनी के चांसलर एंजेला मार्केल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन और इटली के प्रधानमंत्री सिलविओ बर्लुस्कोनी ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में सुधार लाने के लिए शनिवार को पेरिस में 14 सबसे बड़े औद्योगिक देशों की एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित की थी।
सरकोजी ने इसे अंतर्राष्ट्रीय वित्त प्रणाली के पुनर्गठन की प्रक्रिया करार दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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