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सारा और बाइडन के बीच ज़ोरदार बहस

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बाइडन की तुलना में सारा का अनुभव कम है
अमरीका में उपराष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों के बीच टेलीविज़न पर ज़ोरदार बहस हुई है जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गरमागरम चर्चा हुई. सारा पैलिन का राजनीतिक अनुभव जो बाइडन के मुक़ाबले काफ़ी कम है. जो बाइडन सीनेट में छह कार्यकाल पूरे कर चुके हैं और राजनीति के अलावा शब्दों में भी ख़ासे माहिर माने जाते हैं.

जो बाइडन ने इस बहन में राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मैक्केन को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की नीतियों से जोड़ने की कोशिश की और कहा कि मैक्केन बुश से कुछ अलग नहीं हैं.

रिपब्लिकन सारा पैलिन ने अपने राजनीति अनुभव की कमी का काफ़ी बचाव किया और कहा कि जॉन मैक्केन का टिकट देश में बड़े बदलाव लाएगा. पर्यवेक्षकों का कहना है कि सारा पैलिन ने हाल के समय में टेलीविज़न चैनलों को जो इंटरव्यू दिए हैं उनके मुक़ाबले इस बहस में ज़्यादा आत्मविश्वास से भरी नज़र आईं.

यह बहस सेंट लुइस, मिसूरी स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में हुई जिसे ख़ासतौर से सारा पैलिन के लिए महत्वपूर्ण समझा जा रहा था क्योंकि उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे थे जिसकी वजह से उनकी लोकप्रियता में ख़ासी कमी आने लगी थी.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जेन ओ ब्रियेन का कहना है कि सारा पैलिन ने इस बहस में अपनी क्षमताओं का हवाला दिया और एक माँ के रूप में अपनी छवि को आम अमरीकियों से जोड़ने की कोशिश की.

सारा पैलिन बस में ज़्यादातर समय धारा प्रवाह बोलीं और उनकी चर्चा में अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और इराक़ में युद्ध जैसे मुद्दे शामिल रहे.

इस बहस में सवाल रखने वाली महिला ने जब सारा पैलिन से यह पूछा कि मौजूदा वित्तीय संकट के लिए कौन ज़िम्मेदार है तो उनका जवाब था कि महत्वाकांक्षी श्रृण दाताओं और वॉल स्ट्रीट में सक्रिया लालची और भ्रष्ट लोगों की वजह से ऐसा हुआ है.

सारा पैलिन ने अमरीकियों से यह अनुरोध भी किया कि वे अपनी निजी ज़िम्मेदारी को ना भूलें और इतना ज़्यादा क़र्ज़ ना लें जिसे वे अदा नहीं कर सकते हैं.

सारा पैलिन ने राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक ओबामा पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कर बढ़ाने के विकल्प की बात कही है लेकिन जो बाइडन ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया.

जो बाइडन ने कहा कि मौजूदा वित्तीय संकट इस बात को दिखाता है कि पिछले आठ साल की नीतियों की वजह से देश को यह ख़राब समय देखना पड़ रहा है.

'बिल्कुल ग़लत'

विदेश नीति पर सारा पैलिन ने बराक ओबामा पर आरोप लगाया कि वह यह स्वीकार करने से बच रहे हैं कि इराक़ में ज़्यादा सैनिक तैनात करने की रणनीति कामयाब रही है.

सारा ने कहा कि अगर इस समय इराक़ से अमरीकी सैनिक हटाए जाएंगे तो यह बहुत ख़तरनाक हो सकता है. उन्होंने इराक़ से अमरीकी सैनिक हटाने के बराक ओबामा के प्रस्ताव को सफ़ेद झंडे के साथ आत्मसमर्पण की संज्ञा दी.

जो बाइडन ने सारा पैलिन के इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जॉन मैक्केन इराक़ नीति पर एकदम ग़लत रहे हैं और इराक़ में मौजूदा संकट का हल निकालने के लिए उन्होंने अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं रखी है.

जो बाइडन ने कहा, "इराक़ से अमरीकी सैनिक हटाने की एक समय सीमा और कार्यक्रम तय करना होगा और ज़िम्मेदारी इराक़ियों को सौंपनी होगी."उन्होंने कहा कि अमरीका इराक़ में दस अरब डॉलर के हिसाब से धन गँवा रहा है जबकि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सबसे अहम मोर्चे - अफ़ग़ानिस्तान को भूला पड़ा है.

दोनों उम्मीदवारों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी बहस की. वाशिंगटन पोस्ट के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि 60 प्रतिशत मतदाता अब समझते हैं कि सारा पैलिन एक असरदार उपराष्ट्रपति साबित होने के लिए ज़रूरी अनुभव से ख़ाली हैं.

एक तिहाई मतदाताओं का कहना है कि ऐसी कम ही उम्मीद है कि इस बहस के परिणामस्वरूप वे जॉन मैक्केन को अपना वोट देंगे. किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं रखने वाले स्वतंत्र मतदाता भी अलास्का की गवर्रन 44 वर्षीय सारा पैलिन के बारे में अभी कोई स्पष्ट राय नहीं रखते हैं.

सीबीएस न्यूज़ ने एक अन्य सर्वेक्षण कराया है जिसमें सीनेटर बराक ओबामा को 49 प्रतिशत वोट मिले जबकि जॉन मैक्केन को 40 प्रतिशत मत.

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