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भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के महत्वपूर्ण पड़ाव

By Staff
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नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के रास्ते में करीब साढ़े तीन साल में आए महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव एक नजर में :

* 18 जुलाई 2005 : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने भारत-अमेरिका परमाणु सहयोग पर वाशिंगटन में एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए।

* 2 मार्च 2006: अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश की नई दिल्ली यात्रा के दौरान समझौते की रूपरेखा तय की गई। भारत ने अपनी सैनिक और नागरिक परमाणु सुविधाओं को अलग किया और 14 रिएक्टरों को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी के लिए पेश किया। बदले में अमेरिका भारत के साथ पूर्ण परमाणु सहयोग पर सहमत हो गया।

* 9 दिसंबर 2006: अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने 'हेनरी जे.हाइड अमेरिका-भारत शांतिपूर्ण आणविक ऊर्जा सहयोग कानून 2006 ' को पारित किया। हाइड एक्ट के नाम से अधिक प्रसिद्ध यह कानून अमेरिकी प्रशासन को भारत के साथ नाभिकीय व्यापार करने के लिए परमाणु ऊर्जा कानून के सेक्शन 123 से छूट प्रदान करता है।

* 18 दिसंबर 2006: बुश ने भारत के साथ परमाणु सहयोग की अनुमति वाले कानून पर हस्ताक्षर किए।

* 27 जुलाई 2007: भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय परमाणु सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने की घोषणा की। इसे 123 समझौता भी कहा जाता है।

* अक्टूबर 2007: भारत में वाम दलों ने राष्ट्रीय संप्रभुता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए सरकार पर हमला शुरू किया।

* नवंबर 2007 से जून 2008 तक: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार और वाम दलों ने एक संयुक्त समिति का गठन किया और सरकार को आईएईए के साथ भारत के लिए विशेष निगरानी प्रावधानों पर वार्ता जारी रखने की अनुमति दी।

* मई 2008: भारत ने आईएईए के साथ निगरानी समझौते के मसौदे के तैयार होने और इस पर हस्ताक्षर के संकेत दिए।

* 25 जून 2008: वाम दलों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उसने आईएई के साथ निगरानी समझौते पर हस्ताक्षर किया तो वे सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे।

* 7 जुलाई2008: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जापान में जी-8 देशों के सम्मेलन में भाग लेने गए। उन्होंने हवाई जहाज में पत्रकारों से कहा कि सरकार की योजना आईएईए के साथ समझौते पर आगे बढ़ने की है।

* 9 जुलाई 2008: वाम दलों ने सरकार से समर्थन वापस लिया और विश्वासमत हासिल करने को कहा।

* 22 जुलाई 2008: संप्रग सरकार ने विश्वासमत हासिल किया।

* 1 अगस्त 2008: आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने भारत की परमाणु निरीक्षण योजना को मंजूरी दी।

* 6 सितम्बर 2008: 45 सदस्यीय परमाणु आपूर्ति समूह ने तीन दशक बाद भारत को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु व्यापार में शामिल होने की छूट प्रदान कर दी।

* 10 सितम्बर 2008: राष्ट्रपति बुश ने कांग्रेस को अधिसूचित किया कि वह अमेरिका- भारत परमाणु करार को लेकर इसे मंजूरी प्रदान करे।

* 23 सितम्बर 2008: सीनेट की विदेश संबंध समिति ने समझौते को स्वीकृति प्रदान की।

* 25 सितम्बर 2008: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बुश से मिले। बुश ने उनको बताया कि कांग्रेस से 123 समझौते को मंजूर कराने के लिए प्रशासन कड़ा प्रयास कर रहा है।

* 26 सितम्बर 2008: हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष हावर्ड बेरमैन ने सदन में मंजूरी के लिए 123 समझौते से संबंधित विधेयक प्रस्तुत किया।

* 27 सितम्बर 2008: हाउस ने 123 समझौते से संबंधित विधेयक को 298-117 मतों से पारित किया।

* 1 अक्टूबर 2008: सीनेट ने भी 123 समझौते से संबंधित विधेयक को 86-13 मतों से पारित किया।

इंडो-एशियन न्यूस सर्विस।

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