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परमाणु क़रार पर सीनेट में मतदान

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प्रतिनिधि सभा परमाणु समझौते को दो तिहाई बहुमत से पारित कर चुकी है
भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर बुधवार को अमरीकी सीनेट में मतदान होगा. प्रतिनिधि सभा इसे पहले ही दो तिहाई बहुमत से पारित कर चुकी है.भारतीय समयानुसार बुधवार शाम लगभग साढ़े सात बजे सीनेट में यह समझौता मंज़ूरी के लिए पेश किया जाएगा और चर्चा शुरु होगी.

संभावना है कि गुरुवार सुबह तक यह पारित हो जाएगा. अमरीकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते को 117 के मुक़ाबले 298 मतों से पारित किया था.

सीनेट में डेमोक्रैटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के सांसदों का समर्थन परमाणु समझौते को मिल सकता है.सीनेट से मंज़ूरी मिलने के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री औपचारिक रुप से 123 समझौते पर दस्तख़त करेंगे.

इसके साथ ही भारत और अमरीका के बीच परमाणु ईंधन और तकनीक के कारोबार का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा.

दो संशोधन

डेमोक्रैट हैरी रीड का कहना है कि सीनेट में परमाणु समझौते में दो संशोधन करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी. दरअसल कुछ सांसदों ने ये स्पष्ट करने को कहा है कि अगर भारत भविष्य में परमाणु परीक्षण करता है तो अमरीकी की क्या नीति होगी.

इसका मक़सद ये तय करना है कि अमरीका से मिलने वाले परमाणु ईंधन या तकनीक का इस्तेमाल भारत परमाणु हथियार बनाने के लए ना कर पाए.

संशोधन का एक प्रस्ताव ये है कि भारत के परमाणु परीक्षण करने की स्थिति में अमरीकी राष्ट्रपति सत्यापित करें कि परीक्षण में अमरीकी तकनीक या पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया गया.

दूसरा संशोधन प्रस्ताव परीक्षण की दशा में अमरीकी परमाणु निर्यात रोकने की बात करता है. प्रतिनिधि सभा से पारित होने के बाद एक सीनेटर ने परमाणु समझौते से जुड़े विधेयक में अड़ंगा डालने की कोशिश की थी लेकिन पर्दे के पीछे चली बातचीत में उन्हें मना लिया गया.

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