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सीनेट में बहस पूरी, परमाणु करार पर मतदान की तैयारी (लीड-2)

By Staff
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वाशिंगटन, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीनेट में बुधवार को ढ़ाई घंटे तक चली बहस के खत्म होने के साथ ही भारत-अमेरिका परमाणु नागरिक करार अंतिम बाधा पार करने की तैयारी में है। करार पर मतदान भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह पांच बजे करवाया जाएगा।

वाशिंगटन, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीनेट में बुधवार को ढ़ाई घंटे तक चली बहस के खत्म होने के साथ ही भारत-अमेरिका परमाणु नागरिक करार अंतिम बाधा पार करने की तैयारी में है। करार पर मतदान भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह पांच बजे करवाया जाएगा।

हाउस आफ रिप्रजेंटेटिव्स में 298-117 मतों से पारित विधेयक पर मतदान स्थानीय समय के अनुसार बुधवार शाम साढ़े सात बजे के बाद होगा। यहूदी त्योहार रोश हशनाह की छुट्टी के कारण ऐसा होगा।

सीनेट ने स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 10.15 बजे हाउस से मंजूर विधेयक एचआर 7081 पर चर्चा आरंभ की।

बहस की शुरुआत करते हुए सीनेट के विदेश मामलों की समिति के चेयरमैंन क्रिस्टोफर डोड ने विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने का आह्वान किया। डेमोक्रेटिक पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोड ने कहा कि भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस करार को पारित करना जरूरी है।

सीनेट की विदेशी मामलों की समिति में वरिष्ठ रिपब्लिकन सदस्य रिचर्ड लुगर ने कहा कि इस करार से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा का संरक्षण और परमाणु अप्रसार की कोशिशों को मजबूती मिलती है।

भारत के साथ करार को पिछले दशक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि करार देते हुए उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय तक अमेरिका का हित जुड़ा हुआ है।

नई दोनों ने दो डेमोकेट्रिक सांसदों बॉयरन डारगन और जेफ बिंगामैन के दो संशोधन प्रस्तावों का भी विरोध किया। दोनों सांसद यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अमेरिकी परमाणु निर्यात से भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम को कोई मदद नहीं मिले।

भारत के साथ परमाणु करार को दोनों दलों से मिल रहे व्यापक समर्थन के कारण संशोधनों के अस्वीकार हो जाने की उम्मीद है।

हाउस से पारित विधेयक में एक पैराग्राफ भी जुड़ा है जिसके अनुसार यदि भारत ने परमाणु परीक्षण किया तो अमेरिका परमाणु सहयोग रोक देगा।

हाउस में दो-तिहाई बहुमत के विपरीत 100 सदस्यों वाली सीनेट में करीब साढ़े तीन घंटे की चर्चा के बाद परमाणु करार से संबंधित विधेयक को पारित करने के लिए केवल 60 वोट ही चाहिए।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विधेयक में दो संशोधन यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि अमेरिकी परमाणु निर्यात भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सहयोग न करे।

विधेयक में पहले संशोधन के अनुसार भारत द्वारा कोई आणविक विस्फोट किए जाने पर, अमेरिकी राष्ट्रपति यह प्रमाणित करेंगे कि इस विस्फोट में समझौते के अनु़सार निर्यात की गई किसी तकनीक या पदार्थ का उपयोग नहीं किया गया है।

दूसरे संशोधन के अनुसार यदि भारत ने कोई परमाणु परीक्षण किया तो भारत के साथ परमाणु व्यापार रोक दिया जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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