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मप्र में बुजुर्गो को घर से बेदखल करने वालों की खैर नहीं

By Staff
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भोपाल, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के उन बुजुर्ग मां-बाप के लिए यह अच्छी खबर है जिन्हें अपनी ही संतानों की उपेक्षा का शिकार होने के अलावा घर से भी बेदखल होना पड़ता है। प्रदेश सरकार ऐसी संतानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए वृद्धजन भरण पोषण एवं संरक्षण अधिनियम 2007 को लागू करने जा रही है।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुधवार को वृद्धजनों का सम्मान करते हुए प्रदेश की सामाजिक न्याय मंत्री कुसुम सिंह महदेले ने कहा कि जिन माता-पिता ने संतानों को जन्म दिया वहीं आज उनका तिरस्कार करने पर तुली हुई है। यह अफसोसजनक है कि जिनकी पूजा की जाना चाहिए और सम्मान मिलना चाहिए उन्हें वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर होना पड़ता है। यह स्थितियां इस बात का संकेत हैं कि समाज में संवेदना की अभी भी कमी है। बुर्जुगों को वृद्धाश्रम में रखने की सोच न सिर्फ गलत है बल्कि विकृत भी है।

सामाजिक न्याय मंत्री ने उन लापरवाह युवाओं और संतानों को आड़े हाथों लिया जो अपने वृद्ध माता पिता की देखभाल न कर उन्हें घर से बेदखल कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगे इसके लिए सरकार अधिनियम बनाकर उस पर कड़ाई से अमल करेगी। प्रस्तावित नियम का पालन हो इसके लिए प्रत्येक जिले में अभिकरण बनेगा तथा विभाग के संयुक्त संचालक अथवा उप संचालक इसके मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे।

सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त एम़ मोहन राव के मुताबिक प्रस्तावित अधिनियम में प्रावधान है कि वृद्धजनों को प्रताड़ित किया जाता है अथवा उनकी देखभाल नहीं की जाती है तो संतानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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