प्रधानमंत्रीः हिंसा रोके उड़ीसा सरकार

डॉ. सिंह ने लोगों से शांति और समरसता बनाये रखने की भी अपील की है। यूरोपीय संघ द्वारा भारत में अल्पसंख्यकों के नरसंहार की निन्दा किये जाने के एक दिन बाद कंधमाल में नये सिरे से हिंसा शुरू हो गयी। यूरोपीय संघ ने प्रधानमंत्री पर भरोसा जताया साथ ही इस तरह की हिंसा को नियंत्रित करने की उनकी क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया।
यूरोपीय संघ के अध्यक्ष जोस मैन्युल बारोसो ने कल कहा कि भारत ने इस तरह की घटनाओं को काबू में करने का आश्वासन दिया है। बारासो ने भारत -इयू के नौंवे सम्मेलन के बाद डॉ सिंह और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी के साथ संयुक्त प्रेस कांप्रेंस में कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है।
बारोसो ने कहा "मुझे पता है कि यह भारत का अंदरूनी मामला है।डा सिंह ने कंधमाल की घटनाओं को "राष्ट्रीय शर्म"बताते हुए कहा कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश जहां विभिन्न धर्मों और नस्लों के लोग रहते हैं और धर्म के अधिकार की संविधान में गारंटी मिली हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में ये छिटपुट घटनाएं और सरकार ने इसतरह के राष्ट्रीय शर्म को रोकने के लिए कड़ा निर्णय लिया है।डॉ. सिंह ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और सभी अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान करने की अपनी सरकार के रूख को एकबार फिर पुष्ट किया।


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