ईयूः भारत में अल्पसंख्यकों पर हमला निन्दनीय
मार्सेले, 30 सितंबरः यूरोपीय आयोग ने भारत में अल्पसंख्यकों पर हो रहे जानलेवा हमलों की अलोचना की है हालांकि आयोग ने इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रतिबद्धता और काबलियत पर भरोसा भी जताया है।
आयोग के अध्यक्ष जोस मेनुअल बोरोसो ने डॉ सिंह और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सर्कोजी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। यूरोपीय संघ भारत शिखर बैठक के बाद बोरोसो ने भारत में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाये जाने की घटनाओं को निंदनीय बताया, हालांकि उन्होंने इसे भारत का आंतरिक मामला भी बताया।
बोरोसो ने कहा "मैं जानता हूं कि यह भारत का आंतरिक मामला है लेकिन फिर भी मेरी नजर में इस तरह की घटनायें निंदा के योग्य ही हैं। इस बीच डॉ सिंह ने इन घटनाओं को भारत के लिये "राष्ट्रीय शर्म" की बात बताते हुये कहा कि भारत पंथनिरपेक्ष देश है और इस कारण इसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोग रहते हैं।
भारतीय संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि इस तरह की घटनाएं दुखद हैं लेकिन सरकार इनसे निपटने के लिये कारगर कदम उठा रही है। साथ ही उन्होंने देश के साम्प्रदायिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुये अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिये हर संभव कदम उठाने की बात कही।


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