जोधपुर भगदड़: मरने वालों की संख्‍या 177 हुई

राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि नवनात्र के मद्देनजर मंदिर में महिलाओं और पुरुषों की लाइनों के लिए पर्याप्त पुलिस बल था, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से कहीं अधिक थी। इस भगदड़ में दर्जनों लोग पहाड़ी से नीचे भी गिरे, जबकि दर्जनों ऐसे थे, जिनके ऊपर से चढ़कर भीड़ गुजर गई।
पुलिस के मुताबिक मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि सोलहवीं शताब्दी में बने इस मंदिर में नवरात्रि के पहला दिन दर्जनों परिवारों के लिए आंसू लेकर आया। मंगलवार की सुबह तड़के मंदिर में भगदड़ मचने से करीब 177 लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गये।
पहले नवरात्र के मौके पर हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा सोमवार मध्यरात्रि से ही लगने लगा था। सभी को इंतजार था कि सुबह होते ही मंदिर के कपाट खुलेंगे और वो दर्शन करेंगे। लेकिन उनमें से दर्जनों लोग ऐसे थे, जिन्हें शायद यह नहीं मालूम था कि वो अंतिम बार दर्शन कर रहे हैं।
घटना सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई, जिस समय वहां कम से कम दस हजार श्रद्धालु मौजूद थे। मंदिर के कपाट खुलते ही भारी भीड़ उमड़ी। देखते ही देखते यहां भगदड़ मच गई। भगदड़ मंदिर के निकास द्वार की ओर हुई। भगड़ के दौरान रास्ते में एक अवरोधक के टूट जाने से लोग एक दूसरे पर गिरने लगे।
राज्य के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया के मुताबिक अवरोधक टूटने के कारण भगदड़ मची, जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और 120 घायल हो गए। उन्होंने कहा कि घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।


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