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तारो के नाम को निचले सदन की मंजूरी

By Staff
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तारो असो ने देश में ज़ल्द ही आम चुनाव कराने की बात कही है
जापान की संसद के निचले सदन ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में तारो असो के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है. वह यासुओ फ़ूकूदा की जगह लेंगे.

यासुओ फ़ूकूदा की जगह लेने वाले तारो पिछले दो साल में जापान के चौथे प्रधानमंत्री होंगे. तारो देश के विदेश मंत्री रह चुके हैं. उन्हें रुढ़िवादी छवि वाला नेता माना जाता है.

प्रधानमंत्री के रूप में तारो के नामांकन को अंतिम मंजूरी के लिए अब संसद के ऊपरी सदन में भेजा जाएगा.

ऊपरी सदन पर विपक्ष का कब्ज़ा है. लेकिन आसो के प्रधानमंत्री चुने जाने पर अब कोई संदेह नहीं है क्योंकि उनके नाम पर ऊपरी सदन के असहमत होने पर संसद का निचला सदन उसे अनदेखा कर सकता है.

सरकार की मुश्किलें

जापान की राजधानी में टोक्यो में बीबीसी संवाददाता क्रिस हांग ने बताया कि इसके लिए संसद की कार्यवाही कुछ घंटे चल सकती है.

पिछले साल संसद के ऊपरी सदन में अपना नियंत्रण खोने के बाद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने में काफ़ी मुश्किल पेश आई थीं.

तारो ने देश में ज़ल्दी ही आम चुनाव कराने की बात कही है. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में तारो अपने रुढ़िवादी सहयोगियों को प्रमुखता से जगह देंगे.

सोमवार को उन्हें लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपना नया नेता चुना था. तारो अर्थव्यवस्था के विकास के लिए बड़े बजट और निश्चयात्मक विदेश नीति के समर्थक माने जाते हैं.

इसके पहले एक सितंबर को जापान के प्रधानमंत्री यासुओ फ़ूकूदा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था. वह एक साल से भी कम समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहे.

उनकी सरकार की लोकप्रियता में काफ़ी गिरावट आई थी. जापानी की गिरती अर्थव्यवस्था, पेंशन रिकॉर्ड का ग़ायब होना और स्वास्थ्य योजना को लेकर उनकी काफ़ी आलोचना हो रही थी.

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