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अमेरिका व फ्रांस दौरे पर रवाना हुए मनमोहन (लीड-3)

By Staff
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नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को पूरा कर लेने की हसरतें लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को 10 दिनों की बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही अमेरिका और फ्रांस की यात्रा पर रवाना हो गए। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री फ्रांस के साथ भी एक परमाणु करार कर सकते हैं।

इस 10 दिवसीय यात्रा के दौरान मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे, भारतीय-यूरोपीय संघ की वार्षिक बैठक में शिरकत करेंगे और विश्व के कई देशों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे।

न्यूयार्क रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा, "संयुक्त राष्ट्र महासभा के 63वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए मैं न्यूयार्क जा रहा हूं। वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के मामले में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को भारत ने हमेशा ही महत्व दिया है।" प्रधानमंत्री न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र के एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में 'सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्यों' के बारे में अपना संबोधन देंगे।

उन्होंने कहा, "मैं इस मौके पर अपील करूंगा कि आज की मौजूदा चुनौतियों का सामना सामूहिक और बहुद्देशीय रुख अख्तियार करके ही किया जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि इस मौके पर वे मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र समेत सभी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सुधार की बात उठाएंगे।

आगामी 26 सितम्बर को न्यूयार्क में मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। अपने संबोधन के माध्यम से प्रधानमंत्री विश्व समुदाय से आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र के सुधार कार्यक्रमों, खाद्य सुरक्षा, गरीबी और निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर सामूहिक रुख अपनाने का आह्वान करेंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विश्व के कई नेताओं से मुलाकात करेंगे। पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से भी उनकी मुलाकात संभावित है। इस मुलाकात में मनमोहन सिंह दोनों देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों के बारे में चर्चा करेंगे।

भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को लागू करने वाले 123 समझौते को यदि अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी मिल जाती है, तो मनमोहन व बुश 123 परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने 25 सितम्बर को मनमोहन सिंह के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया है।

बुश से होने वाली मुलाकात के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं उनसे मुलाकात के दौरान अमेरिका के साथ अपने सभी द्विपक्षीय संबंधों के बारे में बात करूंगा। इसमें परमाणु करार भी शामिल है।"

इसके बाद प्रधानमंत्री भारत-यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेंगे। आगामी 30 सितम्बर को फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी से उनकी मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

प्रधानमंत्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "फ्रांस के साथ हमारे पुराने संबंध हैं और इसका रणनीतिक महत्व है। दोनों देशों ने परमाणु सहयोग को लेकर एक शुरुआत की है, जिसे पूरा करना अभी बाकी है।"

विदेश सचिव शिवशंकर मेनन, भारत-अमेरिका परमाणु करार पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम शरण, अतिरिक्त सचिव व संयक्त राष्ट्र के प्रभारी विवेक काटजू समेत प्रधानमंत्री कार्यालय व विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 10 दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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