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दिल्ली विस्फोट : पुलिस ने कहा, गुत्थी सुलझी (राउंडअप)

By Staff
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नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। राजधानी में सिलसिलेवार बम विस्फोटों के एक हफ्ते बाद दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि उसने इस मामले की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इसके साथ ही देश में अन्य तीन शहरों में हुए विस्फोट की साजिश का पर्दाफाश भी किया है।

पुलिस का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में हुई आतंकवादी घटनाओं के पीछे जिन दो आतंकवादी संगठनों स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और इंडियन मुजाहिदीन का नाम आ रहा है, वे लश्कर-ए-तैयबा के नए चेहरे हैं।

दिल्ली पुलिस विशेष सेल के संयुक्त पुलिस आयुक्त करनैल सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "हमने मामले को सुलझा लिया है।"

सिंह ने कहा कि आतंकी वारदातों को अंजाम देने मे 13 लोगों के गिरोह का काम है। इन्होंने ही पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश की अदालत में विस्फोट को अंजाम दिया था। इसके साथ ही इस साल इन्होंने जयपुर, अहमदाबाद और नई दिल्ली में विस्फोटों को अंजाम दिया।

सिंह ने इन 13 लोगों के नाम भी बताए जो इस प्रकार हैं- आतिफ, सैफ, जीशान, साजिद, जुनैद, शादाब भाई, अलिहास मलिक, साजिद, मोहम्मद खालिफ, आरिफ, शकील, जिया खान और सलमान। ये सभी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले हैं।

साजिश का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा, "लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी जब गिरफ्तार किए जाने लगे तो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज एजेंसीज (आईएसआई) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर घिरती नजर आई। ऐसे में उसने अधिक से अधिक भारतीय मूल के लोगों को प्रशिक्षण देने की रणनीति बनाई। इसके लिए सिमी और इंडियन मुजाहिदीन से संपर्क साधा और उन्हें सहयोग देना प्रारंभ किया।"

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हुई आतंकवादी घटनाओं में सिमी ने इंडियन मुजाहिदीन को धन और अन्य सुविधाएं मुहैया कराईं।

सिंह ने कहा कि जामियानगर में शुक्रवार को हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक लैपटॉप बरामद किया है। इसमें अलकायदा से संबंधित कुछ सामग्रियां हैं। साथ ही लैपटॉप में ओसामा बिन लादेन और तौकीर के फोटो भी हैं। उल्लेखनीय है कि अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को दिल्ली विस्फोटों का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

सिंह से जब यह पूछा गया कि इन आतंकवादियों को धन कहां से मुहैया कराया जाता था तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि दिल्ली धमाकों में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक कर्नाटक से लाए गए थे।

इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार रात विस्फोट के सिलसिले में एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया।

दक्षिण दिल्ली के जामियानगर इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे और सैफ नाम के एक संदिग्ध को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि सैफ ने स्वीकार किया है कि दिल्ली, अहमदाबाद और जयपुर बम धमाकों में इंडियन मुजाहिदिन का हाथ था।

दूसरी ओर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर झंडेवालान इलाके से शुक्रवार रात जीशान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा, "गुप्त सूचना मिलने के बाद जीशान को झंडेवालान से गिरफ्तार किया गया।"

पुलिस अब मुठभेड़ के दौरान फरार दो अन्य आतंकवादियों शहजाद और जुनैद को गिरफ्तार करने में जुटी है। सैफ ने बताया कि शहजाद ने इंडिया गेट के पास बम रखा था जबकि जुनैद ने आतिफ के साथ ग्रेटर कैलाश-1 की एम ब्लॉक मार्केट में बम रखा था।

पुलिस का कहना है कि वह धमाकों के 10-12 और आरोपियों की तलाश कर रही है। जीशान के बारे में पुलिस का कहना है कि जामियानगर में शुक्रवार की मुठभेड़ में मारे गए साजिद के साथ उसका संबंध था। पुलिस का कहना है कि कनाट प्लेस में इसी ने बम रखा था।

जामियानगर इलाके में मुठभेड़ में जहां इंडियन मुजाहिदिन के दो आतंकवादी मारे गए, वहीं दो अन्य फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सैफ नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए मोहम्मद आतिफ ऊर्फ बशीर के बारे में सैफ ने बताया कि बशीर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी घटनाओं का मास्टरमाइंड था।

दिल्ली बम विस्फोटों की बशीर ने ही साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को अहमदाबाद और 13 मई को जयपुर धमाकों में भी बशीर की भूमिका थी। सैफ ने बताया कि बम बनाने और उन्हें अलग-अलग स्थलों पर रखने का काम बशीर का था।

सैफ जामिया मिलिया इस्लामिया में कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने दावा किया कि सैफ ने स्वीकार किया है कि बम विस्फोटों के लिए 10-12 व्यक्तियों की एक टीम ने विभिन्न इलाकों में बम रखे थे। पुलिस का दावा है कि सैफ ने स्वीकार किया है कि उसने रीगल सिनेमा में बम रखा था।

जामियानगर इलाके के बटला हाउस इलाके के मकान नंबर एल-18 में मुठभेड़ के बाद पुलिस ने 12 बैग और कई मोबाइल फोन भी बरामद किए। पुलिस मोबाइल फोन के कॉल रिकार्ड की जांच कर रही है, ताकि फरार लोगों के बारे में सुराग मिल सके।

पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में मारे गए आतिफ ऊर्फ बशीर ने ही ग्रेटर कैलाश-1 में बम रखा था। पुलिस के अनुसार गफ्फार मार्केट में एक नए व्यक्ति ने बम रखा था, जिसे सैफ नहीं पहचानता।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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