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फ़ौज के लिए प्यार जगाने की कोशिश

By ब्रजेश उपाध्याय
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नए ख़ून को कम उम्र में फ़ौज की तरफ़ खींचने का नया तरीका अपनाया जा रहा है
बीबीसी में अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव से पहले की हालत का जायज़ा लेने निकली बस से ताज़ा रिपोर्ट.

लेकिन जब मैं वहां पहुंचा उसी दिन सैनिक दिवस था और मेले में घुसते ही मेरी नज़र पड़ी सफ़ेद कपड़ों में खड़ी महिलाओं पर जिनमें से एक, मैरी कोलर, एक ऊंचे से स्टेज से अपने बेटे समेत इराक़ और अफ़गानिस्तान में मारे गए उन अमरीकी फ़ौजियों के नाम पढ़ रही थी जो इस इलाक़े से या उसके आसपास से थे.

वहाँ कई ऐसी माँएं थीं जिन्होंने अपने बेटे खो दिए थे, उन्हें यहाँ गोल्डस्टार मॉम कहते हैं, कई ऐसी थीं जिनके बेटे या ता इराक़ में हैं या जानेवाले हैं.

जिस लड़ाई को पूरे देश में दो तिहाई से ज़्यादा लोग एक रॉंग वार या एक ग़लत जंग की तरह देख रहे हैं, उसमें मैरी कोलर का 21 साल का बेटा मारा गया.

क्या कभी ग़ुस्सा आता है उन्हें ?

वो कहती हैं कि उनके बेटे ने ख़ुद ही फ़ौज को चुना था इसलिए वो उसके फ़ैसले की इज़्ज़त करती हैं.

उनके साथ ही मौजूद सैंड्रा स्पोन ने भी अपना 26 साल का बेटा इराक़ में खोया है. वो भी किसी और पर उंगली नहीं उठाना चाहतीं.

जिन माओं ने अपने बेटे इराक़ या अफ़ग़ानिस्तान में खो दिए, उन्हें यहाँ गोल्डस्टार मॉम कहते हैं

जब तक ये समारोह चल रहा था गाना बजाना भी बंद था लेकिन उसके बाद मौज मस्ती शुरू हो गई.

मुझे लगा शायद ये एक अच्छा तरीका है देश के फ़ौजियों को जनता के सामने इज़्ज़त देने का. लेकिन अभी बहुत कुछ देखना बाकी था.

जैसे ही आगे बढ़ा तो खिलौनों, कपड़ों, खेल तमाशों, टाको और मेक्सिकन खाने के स्टॉल्स के ठीक सामने एक सिरे से अमरीकी फ़ौज के अलग अलग यूनिट्स के स्टॉल लगे हुए थे, यूएस मरीन्स, यू एस नेवी, नेशनल गार्ड, एयर फ़ोर्स सब थे...कोई चाभी के रिंग्स बांट रहा है तो कोई आर्मबैंड देखकर बच्चों, नौजवानों को लुभा रहा है.

एक स्टॉल पर तो हर तरह के जानलेवा हथियार सजाए हुए थे, रॉकेट लॉंचर, ग्रेनड लॉंचर, तरह तरह की बंदूकें और छोटे छोटे बच्चे उन्हें छूकर उठाकर देख रहे थे और फ़ौजी ऑफ़िसर उन्हें बता रहे थे कि कौन हथियार कितना मार कर सकता है.

नए ख़ून को कम उम्र में फ़ौज की तरफ़ खींचने के लिए इससे बेहतर क्या तरीका हो सकता था.

हैरानी

लेकिन गुड्डे गुड़ियों, हाथी घोड़ों, हीमैन सुपरमैन के बीच इन हथियारों को देखकर थोड़ी हैरानी ज़रूर हुई.

बच्चों के दिल में फ़ौज के लिए प्यार जगाने की कोशिश शुरू से ही की जा रही है

शॉन लॉग्सटेड वहीं अपने सात साल के बेटे के साथ खड़ी थीं. मैने पूछा कि क्या उन्हें ये सही लगता है.

उनका कहना था कि ये बहुत अच्छी बात है कि अभी से बच्चे के दिल में फ़ौज के लिए प्यार जगे और जहां तक बंदूकों की बात है तो अगर समझदार लोग बंदूकों और बमों की ज़िम्मेदारी नहीं लेंगे तो ये फिर उनके हाथों में चली जाएगी जो नासमझ हैं.

वहीं मौजूद एक लातिनी अमरीकी परिवार की सोच भी मिलती जुलती थी.

फ़ौज और जनता के बीच कोई दूरी नहीं दिख रही थी. कोई भी इराक़ युद्ध के ख़िलाफ़ बोलनेवाला यहां नहीं था.

न्यू मेक्सिको कई मामलों में काफ़ी बंटा हुआ राज्य है, लातिनी अमरीकियों को अमरीका से काफ़ी शिकायतें हैं, गोरे लोगों को लातिनी अमरीकियों से शिकायतें हैं, यहां के मूल निवासी नेटिव अमेरिकंस में से बहुत का कहना है कि उनका हक़ मार कर गोरे लोग आगे बढ़े हैं.

रियोलाबादेन वियतनाम युद्ध के रिटायर्ड फ़ौजी हैं, वो कहते हैं कि इस देश में किसी राष्ट्रपति ने यहां के सबसे पुराने बाशिंदों पर ध्यान नहीं दिया है.

गोरे लोगों से बात करें तो ज़्यादतर जॉन मैकेन पर भरोसा कर रहे हैं, लातिनी अमरीकी ओबामा की तरफ़ झुके दिख रहे हैं लेकिन फ़ौज से मानो सब जुड़े हुए हैं.

न्यू मेक्सिको यूनिवर्सिटी में दस साल से पढ़ा रही प्रोफ़ेसर रिनिटा मज़ुमदार कहती हैं कि इसकी एक वजह ये भी है सरकार से लाख़ शिकायतों के बावजूद फ़ौज यहां नौकरी का बहुत बड़ा ज़रिया है

और लड़ाई के मैदान में ही नहीं, राजनीति के मैदान में भी ये राज्य इस बार बेहद अहम है और इसे एक स्विंग स्टेट माना जा रहा है क्योंकि अभी बराक ओबामा और जॉन मैकेन यहां बराबरी पर चल रहे हैं.

2004 में बेहद कम वोटों से जॉर्ज बुश ने जॉन केरी को यहां हराया था और इस बार भी कोई यहां दावे से कहने को तैयार नहीं है कि जीत किसकी होगी.

(ब्रजेश उपाध्याय बीबीसी की उस विशेष बस पर सवार है जो अमरीका के मतदाताओं का रुख़ भांपने के लिए विभिन्न प्रांतों से गुजर रही है)

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