• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अमेरिकी सब-प्राइम संकट से प्रभावित होगा अचल संपत्ति क्षेत्र

By Staff
|

पणजी, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। वर्ष 2009 में दुनिया भर के अचल संपत्ति (रीयल्टी) क्षेत्र पर अमेरिकी सब-प्राइम संकट से उपजी वैश्विक वित्तीय उथलपुथल का जबरदस्त प्रभाव पड़ेगा।

पणजी, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। वर्ष 2009 में दुनिया भर के अचल संपत्ति (रीयल्टी) क्षेत्र पर अमेरिकी सब-प्राइम संकट से उपजी वैश्विक वित्तीय उथलपुथल का जबरदस्त प्रभाव पड़ेगा।

अचल संपत्ति क्षेत्र के परामर्शदाताओं का कहना है कि मौजूदा वित्तीय उथलपुथल की वजह से अचल संपत्ति क्षेत्र में निवेश काफी कम हो जाएगा।

परामर्शदाता कंपनी 'जोंस लैंग लासेले' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एशिया-प्रशांत) पीटर बर्ग ने पणजी में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय रीयल्टी सम्मेलन में कहा, "एक वर्ष पहले अमेरिका में सब-प्राइम संकट से उपजे ऋण संकट की वजह से वाणिज्यिक रीयल एस्टेट के लिए प्रतिभूतिकृत ऋण के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं।"

उन्होंने कहा, "शेयर बाजारों के धराशाई होने से अचल संपत्ति क्षेत्र में निवेश का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है।"

मौजूदा वित्तीय उथलपुथल से उपजी स्थिति को पिछले एक दशक की सबसे बुरी स्थिति करार देते हुए बर्ग ने कहा कि दुनिया अब वैश्वीकरण का दूसरा पहलू देखेगी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के शेयरधारकों पर वैश्वीकरण के इस दूसरे पहलू का बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष लगभग चार प्रतिशत की दर से विकास करने वाली रीयल्टी बाजार का कारोबार पूरे यूरोप के सकल घरेलू उत्पाद 690 खरब रुपये से भी ज्यादा है। लेकिन मौजूद वित्तीय संकट की वजह से इस क्षेत्र को अब मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उत्तरोत्तर यह संकट गहराता जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more