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चीन: बीमार बच्चों की संख्या 6200

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न्यूज़ीलैंड की कंपनी फ़ोनटेरा ने न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री को, और उन्होंने चीन की सरकार को सूचना दी
चीन के स्वास्थ मंत्री चेन ज़ू के अनुसार मिलावट वाले पाउडर से बना दूध पीने से वहाँ बीमार पड़ने वाले बच्चों की संख्या 6200 से ज़्यादा हो गई है. ये संख्या पहले की गई घोषणा की के मुक़ाबले पाँच गुना आधिक है.

चेन ज़ू का कहना है कि मिलावटी पाउडर से बना दूध पीने से मरने वाले बच्चों की संख्या तीन हो गई है. ताज़ा मौत पूर्वी चीन के ज़ेज़ियांग प्रांत में हुई. इससे पहले चीन के उत्तर-पश्चिमी प्रांत गानसु में दो बच्चों की मौत हो गई थी.

चीन के सरकारी टेलीविज़न के अनुसार दूध के पाउडर के 22 ब्रांड में मिलेनिन नामक रासायन पाया गया है. सभी 22 ब्रांड की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है. चेन ज़ू का कहना है कि कुल 6244 बच्चे बीमार हैं जबकि गुर्दे के काम नहीं करने की समस्या 158 बच्चों में पाई गई है.

चीन की सरकारी समाचार ऐजेंसी जिनहुआ के अनुसार सरकार ने इसे ज़हर फैलने के स्तर-1 की घटना बताया है और एक चिकित्सकों की एक इमरजेंसी टीम बनाई गई है. ये दूध पीने से अब तक कुल 6244 बच्चे बीमार पड़ चुके हैं

नाराज़गी बढ़ रही है

आम लोगों में इस घटना को लेकर नाराज़गी बढ़ रही है और चीन के इंटरनेट फोर्म्स से इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है. इसके बाद ख़बर की रिपोर्टिंग पर सरकार ने सख़्ती बरतनी शुरु कर दी है.

समाचार ऐजेंसी रॉयटर्स के अनुसार आम लोगों की नाराज़गी मंगलवार को उस वक्त देखने को मिली जब हेबइ प्रांत में दूध का फ़ॉर्मूला वाली कंपनी सनालु ग्रुप के मुख्यालय के बाहर नाराज़ माता-पिता जमा हुए.

एक 34 वर्षीय व्यापारी यैंग लेटोंग ने रॉयटर्स को बताया के उनकी दूध पीती जुड़वा बच्चियाँ जबसे पैदा हुई है तब से सानलु के उत्पादों का ही सेवन करती आई हैं. उनका कहना था, ''अगर वो हमारे पैसे वापस भी कर देते हैं तो उसका क्या मतलब बनता है? आप हमारे बच्चों के स्वास्थ को तो वापस नहीं कर सकते."

उनकी आँखें आँसुओं से भरी थीं और वे कह रहे थे, "मैं नाराज़ हूँ और बहुत ग़ुस्सा हूँ.''

अगर वो हमारे पैसे वापस भी कर देते हैं तो उसका क्या मतलब बनता है? आप हमारे बच्चों के स्वास्थ को तो वापस नहीं कर सकते
चार गिरफ़्तार, 22 से पूछताछ

सानलु ने माफ़ी मांगी है. कंपनी का कहना है कि दूध के सप्लायरों ने रसायन की मिलावट की है. मिलेनिन सामान्यत: प्लास्टिक बनाने में प्रयोग किया जाता है और यह खाद्य पदार्थ में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देता है. लेकिन इससे चीन के कई प्रांतों में बच्चों के गुर्दे में पथर बन गए हैं.

पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब न्यूज़ीलैंड की कंपनी फ़ोनटेरा, ने न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री हेलेन कलार्क को इस बात की सूचना दी. फ़ोनटेरा की सानलु कंपनी में 43 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इसके बाद न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने चीन की सरकार को इसकी सूचना दी.

अब तक चार लोग इस मामले में गिरफ़्तार किए जा चुके हैं और 22 अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है. चीन के स्वास्थ उपमंत्री मा शाओवी ने सोमवार को चेतावनी दी कि संभावना है कि 10 हज़ार बच्चों ने इस मिलावटी दूध को पिया होगा.

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