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'आज़ादी' की मांग को लेकर बंद का आह्वान

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बंद का आह्वान अलगाववादियों की समन्वय समिति ने किया है
भारत प्रशासित कश्मीर में आज़ादी की मांग को लेकर शुक्रवार को अलगाववादियों की समन्वय समिति ने बंद का आह्वान किया है. घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है. इसका आह्वान अलगाववादियों की समन्वय समिति ने किया है. शुक्रवार को दोपहर की नमाज़ के बाद घाटी में जगह-जगह प्रदर्शन की योजना है.

अलगाववादी नेताओं ने लोगों से पूर्णतः शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन की अपील की है. ग़ौरतलब है कि अमरनाथ ज़मीन विवाद को लेकर शुरू हुआ विरोध घाटी में आज़ादी की मांग का रूप ले लिया. इसके तहत अगस्त के महीने में अलगाववादी नेताओं के नेतृत्व में भारत प्रशासित कश्मीर में अनेक मार्च और रैलियाँ आयोजित की गई थी.

आंदोलन

पिछले महीने के आख़िर में भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के लाल चौक पर अलगाववादियों की प्रस्तावित रैली के पहले ही भारतीय प्रशासन ने घाटी में कर्फ़्यू लगा दिया था जो नौ दिनों तक चला. अलगावादी नेताओं ने ऐलान किया है कि वे छह अक्तूबर को लाल चौक के लिए मार्च का आयोजन करेंगे.

इससे पहले 31 अगस्त को जम्मू कश्मीर में अमरनाथ संघर्ष समिति और राज्य सरकार के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए ज़मीन को लेकर चल रहे विवाद पर सहमति के साथ समिति ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी.

इस समझौते के तहत श्री अमरनाथ मंदिर बोर्ड को कश्मीर घाटी में अमरनाथ यात्रा के दौरान 40 हेक्टेयर ज़मीन दी जाएगी लेकिन इस पर बोर्ड का मालिकाना हक नहीं होगा. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने इस समझौते की आलोचना की थी लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसका स्वागत किया था.

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