• search

'सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दे दिया है'

|

एमएफ़ हुसैन दो वर्ष से भारत से बाहर हैं
सुप्रीम कोर्ट ने पेंटर एमएफ़ हुसैन के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला चलाने से इनकार कर दिया है जिसके बाद उन्होंने बीबीसी से विशेष बातचीत की. एमएफ़ हुसैन पर भारत के कई राज्यों में अश्लीलता के आरोपों के तहत कई मुक़दमे चल रहे थे.

बीबीसी उर्दू सेवा के सलाहुद्दीन ज़ैन ने उनसे फ़ोन पर बात की.

इस फ़ैसले के बाद आप क्या महसूस कर रहे हैं?

चलिए कम से कम न्यायपालिका सामने आई है, उसने एक अहम फ़ैसला दिया है. यह फ़ैसला सिर्फ़ मेरे लिए नहीं बल्कि हर आदमी के लिए है, पूरी दुनिया में बहस चलती रहती है कला में अश्लीलता को लेकर, उस नज़रिए से यह अच्छा फ़ैसला है.

तो अब आप राहत महसूस कर रहे हैं, क्या वतन वापस लौटने के बारे में सोच रहे हैं?

मैं वतन से बाहर गया ही नहीं, मैं तो घूमता-फिरता रहता हूँ, बाहर वर्षों से काम कर रहा हूँ, पचास-साठ साल से कर रहा हूँ, यह कोई बात नहीं है, मैं वतन से गया ही नहीं.

कितना साल हो गया आपको भारत आए हुए?

दो साल हो गए हैं.

कुछ मिस कर रहे हैं या नहीं?

हाँ, छोटी-मोटी चीज़ें हैं. ईरानी के रेस्तराँ की चाय, लोगों से मिलना-जुलना...हालांकि अब सूचना क्रांति की वजह से पूरी दुनिया एक ग्लोबल विलेज बन गई है. हमारा तो पेशा रहा है आवारागर्दी, पूरी दुनिया में घूमता रहा हूँ. मैं आर्टिस्ट हूँ और सड़कछाप आर्टिस्ट हूँ. जहाँ भी बैठ गए वहाँ थोड़ा सा काम किया और फिर चले आगे. आपको जानकर ताज्जुब होगा कि दुनिया में कहीं मेरा स्टूडियो नहीं है, मैंने कोई स्टूडियो नहीं बनाया.

हाल ही में दिल्ली में एक प्रदर्शनी लगी थी, उसमें आपकी पेंटिग्स नहीं रखी गई थीं क्योंकि आयोजन करने वालों का कहना था कि अगर आपकी पेंटिग्स रखी गईं तो तोड़फोड़ हो सकती है. इस पर क्या कहेंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दे दिया है.

आपकी जो सबसे विवादास्पद पेंटिग रही वह है 'मदर इंडिया'उसके बारे में आप क्या कहेंगे, आपने उसमें क्या दिखाने की कोशिश की है?

भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर तरह की ताकतें आईं, बीसियों देशों से निकाल दिया गया उन्हें. बुद्ध धर्म आया, ईसाइयत आई, इस्लाम आया, सब एक-दूसरे से जुड़ गए और एक व्यापक संस्कृति बनी. यह यूनिक है, दुनिया में कोई देश भारत जैसा नहीं है.

तो आपने क्या अपनी पेंटिंग में यही दिखाने की कोशिश की है?

भूगोल में हम नक्शे देखते हैं, वह भारत का आकार है, जैसे किसी भी देश है वह मुझे बहुत दिलचस्प लगता है. मैं बचपन से देखता था भारत के नक्शे में गुजरात का हिस्सा मुझे औरत के स्तन जैसा दिखता है, इसीलिए मैंने स्तन बनाया, फिर उसके पैर बनाए, उसके बाल बिखरे हैं वह हिमालय बन गया है. ये बनाया है मैंने. और ये जो 'भारत माता' नाम है ये मैने नहीं दिया है, ये मेरा दिया हुआ नाम नहीं है. भारत माता तो एक मुहावरा है, एक भावना है कि हमारा मुल्क है, वह हमारी माता जैसी है लेकिन उसमें कोई देवी कहीं नहीं है.

आपके आलोचक कहते हैं कि हुसैन साहब अपने धर्म की कोई तस्वीर क्यों नहीं बनाते, मक्का-मदीना क्यों नहीं बनाते?

अरे भाई, कमाल करते हैं. हमारे यहाँ इमेजेज़ हैं ही नहीं तो कहाँ से बनाऊँगा. न ख़ुदा का है न किसी और का. यहाँ लाखों करोड़ों इमेजेज हैं, मंदिर उनसे भरे पड़े हैं.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more