• search
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    'भारत ने पाया है, खोया कुछ नहीं'

    By Staff
    |
    भारत को परमाणु ऊर्जा के लिए इस समझौते की ज़रुरत थी
    भारत के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों में से एक के संथानम का कहना है कि परमाणु समझौते से भारत और अमरीका ने पाया ही पाया है खोया कुछ नहीं.

    उनका कहना है कि परमाणु समझौते को परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों (एनएसजी) की मंज़ूरी मिल जाने से भारत के लिए कई दरवाज़े खुल जाएँगे.

    उनका कहना है कि यह कहना ठीक नहीं होगा कि इस समझौते से अमरीका को बहुत फ़ायदा होने वाला है.

    एनएसजी की मंज़ूरी के बाद बीबीसी संवाददाता नलिन कुमार से हुई बातचीत में कें संथानम ने कहा कि अभी अमरीकी कांग्रेस से मंज़ूरी का एक क़दम और बाक़ी है जिसमें भारत को अमरीका के दोनों दलों का समर्थन दिखता है.

    इसके बाद परमाणु क्षेत्र में व्यावसायिक समझोतों का दौर शुरु हो जाएगा और दो-तीन साल में भारत का परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में पटरी पर आ जाएगा.

    उनका कहना है कि इसका पहला फ़ायदा रूस और फ़्रांस को होता दिखता है.

    यह पूछे जाने पर कि इसका फ़ायदा अमरीका को कितना होगा, उन्होंने कहा, "अमरीका को अभी सीधा कोई फ़ायदा मिलने की उम्मीद कम ही है."

    इसमें भारत और अमरीका दोनों के लिए जीत ही जीत है. इसमें दोनों खो कुछ नहीं रहे हैं
    उनका कहना था कि अमरीका ने पिछले 35 साल से कोई नया परमाणु संयंत्र नहीं बनाया है क्योंकि उसे इसकी ज़रुरत ही नहीं थी और अगर तारापुर परमाणु संयंत्र के अपने अनुभव के बाद भी भारत यदि अमरीका से परमाणु संयंत्र लेता है तो इससे विवाद होगा.

    इस सवाल पर कि इस समझौते से भारत ने क्या कुछ खोया भी है, उन्होंने कहा, "इसमें भारत और अमरीका दोनों के लिए जीत ही जीत है. इसमें दोनों खो कुछ नहीं रहे हैं."

    उन्होंने कहा,"कुछ राजनीतिक सैद्धांतिक विरोध हैं और सरकार को उन्हें ज़रूर दूर करना होगा."

    यह पूछे जाने पर कि परमाणु मामलों के शोध के क्षेत्र में इससे क्या प्रभाव पड़ेगा, उन्होंने कहा कि परमाणु शोध के मामले में भारत पहले से ही काफ़ी आगे है.

    संथानम ने कहा कि यह ज़रुर होगा कि परमाणु बिजली के क्षेत्र में भारत अपनी कमी को पूरा कर सकेगा.

    उनका कहना था कि इस समय भारत अपनी बिजली ज़रुरतों का तीन प्रतिशत परमाणु बिजली घरों से पैदा करता है और 2020 तक इसे 20 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य है और इस समझौते से इस लक्ष्य को पाना आसान हो जाएगा.

    संथानम का कहना था कि परमाणु हथियारों के मामले में भारत आत्मनिर्भर है, ऊर्जा के क्षेत्र में यह समझौता महत्वपूर्ण होगा.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more