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बिहार बाढ़: स्थिति अब भी गंभीर

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Flood in Bihar
पटना, 6 सितम्बर: बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्‍तर पर जारी हैं। सरकार द्वारा लगाये गये शिविरों में चिकित्‍सीय सेवाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अबतक आठ लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है।

कटिहार में बरंडी नदी का पानी तबाही मचाए हुए है। कोढा़-फलका सड़क पर पानी के बहाव के कारण सड़क का कटाव शुरू है तथा इस पथ पर आवागमन भी ठप है।

भागलपुर के सहजा तटबंध के टूटने से आयी बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। नवगछिया के लगभग सभी गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर सहजा तटबंध के मरम्‍मत कार्य जारी है।

राज्य के आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री नीतीश मिश्र के मुताबिक बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित पांच जिलों में चलाए जा रहे राहत शिविरों में चिकित्सा, आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। इन जिलों में अब तक 682 चापाकल (हैंड पंप) लगाए गए हैं इनमें सुपौल जिले में सबसे अधिक 197 चापाकल लगाए गए हैं।

महामारी फैलने की आशंका बढ़ी

कोसी का जलस्‍तर जैसे-जैसे घट रहा है, वैसे-वैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महामारी की आशंका बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में डायरिया तथा अन्य बीमारियों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है।

सुपौल और अररिया जिलों में सैकड़ों लोग डायरिया से पीड़ित बताए जा रहे हैं। डायरिया से कुछ क्षेत्रों में लोगों के मौत भी हुई है। आपदा प्रबंधन राज्‍यमंत्री ने महामारी से निपटने के लिए हर व्‍यापक इंतजाम का दावा किया है। उनका दावा है कि राहत शिविरों में भारी मात्रा में दवाएं पहुंचाई जा रही हैं और चिकित्‍सीय दल अपना काम ठीक ढंग से कर रहे हैं।

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