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    सिंगुर:काम रुकने से दुखी बाप ने जान दी

    By सुबीर भौमिक
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    टाटा के कारखाने में पिछले पाँच दिनों से कामकाज ठप पड़ा हुआ है
    पश्चिम बंगाल के सिंगुर में टाटा समूह की छोटी कार नैनो का निर्माण रोकने की घोषणा से आहत एक ग्रामीण ने बुधवार तड़के ख़ुदकुशी कर ली.

    जॉमाला गाँव के किसान सुशेन संत्रा (65) को डर था कि कारखाने में काम बंद होने से उसके पुत्रों को नुक़सान होगा. संत्रा बुधवार सुबह अपने घर में मृत पाए गए.

    सुशेन संत्रा के बड़े लड़के विवेश संत्रा ने बताया, "मेरे पिता ने रातभर चिंतित रहने के बाद कीटनाशक पी लिया था. उन्हें हमारी नौकरी जाने की चिंता थी. हमारे पास यह विश्वास करने के पर्याप्त कारण हैं कि उन्होंने आत्महत्या की है, उनके आत्महत्या करने का कोई और कारण नहीं है."

    विवेश और उनके भाई उत्तम टाटा कारखाने के एक आनुषंगी ईकाई में काम करते हैं, जहाँ तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन के कारण पिछले पाँच दिन से काम बंद है.

    मेरे पिता ने रात भर चिंतित रहने के बाद कीटनाशक पी लिया था. उन्हें हमारी नौकरी जाने की चिंता थी. हमारे पास यह विश्वास करने के पर्याप्त कारण हैं कि उन्होंने आत्महत्या की है, उनके आत्महत्या करने का कोई और कारण नहीं है.
    विवेश ने कहा, "हमारा परिवार ग़रीब है. यूनिट में काम बंद होने के बाद से हम बिना पैसे के हैं, मेरे पिता ने हमसे कहा था कि वह किसी के ऊपर भार नहीं बनना चाहते हैं."

    पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के अनिश्चितकालीन आंदोलन के बाद से टाटा समूह के सिंगुर कारखाने में काम ठप पड़ा हुआ है.

    इस कारखाने में ही टाटा की महत्वाकांक्षी कार 'नैनो' का निर्माण होना है. ‘नैनो दुनिया की सबसे सस्ती कार बताई जा रही है.

    सिंगुर में तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन को देखते हुए टाटा मोटर्स ने कारखाने के लिए वैकल्पिक जगह की तलाश पर विचार शुरू कर दिया है.

    तृणमूल कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की माँग है कि जो किसान ज़मीन नहीं देना चाहते हैं उनकी चार सौ एकड़ ज़मीन वापस की जाए.

    प्रतिकूल परिस्थिति

    टाटा समूह का कहना है कि कारखाने के पास की स्थिति प्रतिकूल और भयावह है.

    वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वे नहीं चाहते हैं कि टाटा सिंगूर से जाएँ, बल्कि हमारा कहना है कि जिस ज़मीन पर कारखाना बना है उसके लिए ज़मीन ज़बरदस्ती अधिग्रहीत की गई है.

    टाटा का कहना है कि वह नैनो प्लांट के स्थानांतरण के विकल्पों का परीक्षण कर रहा है. टाटा की देशभर में छह निर्माण इकाईयाँ हैं.

    सिंगुर कारखाने में 760 लोग मज़दूर काम करते हैं. टाटा अब अपने कामगारों को कहीं और भेजने पर विचार कर रहा है.

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