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पाटिल ने उड़ीसा हिंसा के पीड़ितों को दिया मदद का आश्वासन (लीड-1)

By Staff
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भुवनेश्वर, 3 सितंबर (आईएएनएस)। उड़ीसा के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार प्रदेश में सामन्य स्थिति बहाल करने की दिशा में हरसंभव प्रयास करेगी।

उच्च अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाटिल ने बुधवार को कंधमाल समेत उड़ीसा के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकत करने के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत कार्यो का निरीक्षण भी किया।

पाटिल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "अभी तक मैंने जो देखा है, वह बेहद दुर्भाग्यजनक है। मैंने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से कहा है कि वे पीड़ितों की हरसंभव सहायता करें।"

उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार राज्य की नवीन पटनायक सरकार को हरसंभव मदद देने को तैयार है। उन्होंने कहा, "लोगों में विश्वास बहाली करना जरूरी है ताकि वे अपने घरों को लौट सकें।"

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राज्य में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 16 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के पुलिस महानिदेशक प्रदीप कपूर ने बताया कि सर्वाधिक हिंसा प्रभावित कंधमाल और कोरापुट जिले से मंगलवार से लेकर बुधवार सुबह तक कोई हिंसक घटनाएं नहीं हुई हैं।

उन्होंने कहा कि हालांकि हिंसा की घटनाएं फिर नहीं होंगी इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस इस प्रकार की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय ने उड़ीसा सरकार से राज्य में ईसाइयों की सुरक्षा के संबंध में कटक के आर्कबिशप की याचिका पर तुरंत जवाब देने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और जे.एम. पांचाल की खंडपीठ आर्कबिशप राफाएल चिनाथ की याचिका पर गुरुवार को विस्तृत सुनवाई करेगी।

विश्व हिंदू परिषद नेता प्रवीण तोगड़िया के नेतृत्व में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की अस्थियों के साथ प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर हिंसा की आशंका को देखते हुए, खंडपीठ ने राज्य सरकार से हिंसा नहीं भड़कने देने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी भी मांगी है।

इस संबंध में अपनी आशंका जाहिर करते हुए आर्कबिशप के वकील कोलिन गोंजालवेज ने न्यायालय को बताया कि स्वामी के अंतिम संस्कार के दौरान भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत हुई।

आर्कबिशप ने अपनी याचिका में कहा है कि उड़ीसा सरकार ने जानबूझकर कंधमाल के गांवों में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं की।

उधर, विहिप की प्रदेश इकाई के महासचिव गौरी प्रसाद रथ ने आईएएनएस से कहा, "हम स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की अस्थियों के साथ उड़ीसा के गांवों का दौरा करेंगे। हमें कोई नहीं रोक सकता है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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