फ़ेसबुक पर मुशर्रफ़ के समर्थक और विरोधी

पढ़े लिखे और मध्यम वर्ग के पाकिस्तानियों में मुशर्रफ़ एक उदारवादी, पूंजीवादी और आतंकवाद के खिलाफ़ सख्ती से लड़ने वाले सख्श थे जबकि विरोधियों का कहना है कि वह एक तानाशाह और राजनीतिक खेल खेलने के माहिर खिलाड़ी थे।
लास एंजिल्स से सीमा अहमद लिखती है कि मुशर्रफ़ ने देश के लिये बहुत कुछ किया। पाकिस्तान को एक उदारवादी मुल्क बनाने के लिये शुक्रिया। शेरबानो अहमद लिखती है कि मुल्क एक बार फिर से चोरो के हाथ में चला गया है जो पाकिस्तान के खजाने को खाली कर देंगे।
एक तरफ़ मुशर्रफ़ के समर्थक है तो दूसरी तरफ़ विरोधी। मुशर्रफ़ के विरोधियों ने लिखा है
"मुशर्रफ़ के जाने से पाकिस्तान बच गया। मुशर्रफ़ ने आतंकवाद के खिलाफ़ लड़ाई के नाम मुसलमानों को मरवाया। मुशर्रफ़ का असली नाम "बुशर्रफ़" होना चाहिये।
अदनान लिखते है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ़ मुहीम चलाने वाले मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद में एक शानदार बंगला बनवाया है। ये पैसा कहां से आया ? एक जनरल की तनख्वाह इतनी नहीं होती कि वह करोड़ों की लागत से शानदार बंगला बनवाये।


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