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यूपी में बाढ़ का संकट गहराया

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Lucknow Flood
लखनऊ, 29 अगस्‍त: उत्तरप्रदेश की सभी प्रमुख नदियों में आये उफान के कारण राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ गंभीर रूप लेती जा रही है। प्रदेश से गुजरने वाली घाघरा, गंगा, गोमती और शारदा नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से कहीं ऊपर बह रहा है। गोमती नदी का जलस्‍तर बढ़ने से लखनऊ व आसपास के जिलों में अब शहर में पानी प्रवेश करने लगा है।

घाघरा नदी का जलस्तर चांदपुर में खतरे के निशान से 1.19 मीटर ऊपर है, जबकि गंगा नदी का जल स्तर गायघाट गेज स्थल पर खतरे के निशान से 27.5 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं गोमती नदी का जलस्‍तर सुलतानपुर में, शारदा नदी का जलस्तर पलियाकला में खतरे के निशान से कीं ऊपर है।

प्रमुख नदियों गंगा, यमुना, घाघरा व गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति भयावह होती जा रही है। लखनऊ की बात करें ते गोमती नदी के पास शहर के बाहरी इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। बालागंज, गोसाईंगंज, हरदोई रोड, गोमतीनगर, चिनहट, समेत दो दर्जन इलाकों में पानी घरों में घुस गया है। यही नहीं गोमती नदी से जुड़े नाले भी उफान पर होने के कारण शहर के अंदर के कई इलाकों में जलभराव की समस्‍या गंभीर हो गई है।

गोमती नदी लखनऊ में खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे रह गई, जिसके शनिवार तक खतरे के निशान तक पहुँच जाने की आशंका है। गोमती नगर के अधिकांश हिस्से और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है।

गोमती किनारे स्थित भैसाकुण्ड श्मशान घाट बाढ़ में डूब जाने के कारण शव दाह की समस्या खडी हो गई है। इस कारण लोग बंधे के ऊपर की ओर बने विद्युत शवदाह गृह में पहुंच रहे हैं। यहां भी लंबी लाइन लगी रहती है।

गोमतीनगर के विपुलखंड, विरामखंड के अलावा पुराने लखनऊ के कुड़ियाघाट, सज्जादबाग, हरिहरनगर, कैटल कालोनी, सरकटा नाला, महताबबाग, मोहनीपुरवा, गऊघाट आदि कई क्षेत्रों में जलभराव अपने चरम पर है।

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