नैनो परियोजना की सुरक्षा कड़ी

गुरुवार को किसान समर्थक संगठन 'पश्चिमबंगला क्षेत मजूर समिति' (पीकेएमएस) के प्रदर्शनकारियों ने नैनो उत्पादन इकाई के सैकड़ों कर्मचारियों को काम से वापस जाने से रोक दिया था। पीकेएमएस के कार्यकर्ता फैक्ट्री के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।
निर्माणाधीन उत्पादन इकाई के अंदर गुरुवार को 600 से ज्यादा इंजीनियर और कार्यकारी अधिकारी काम खत्म होने के बाद लगभग तीन घंटे तक फंसे रहे। इसके बाद उप प्रभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कल्याण बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद ही वे अपने-अपने घर लौट पाए। सूत्रों का कहना है कि परियोना स्थल पर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) राज कनौजिया ने आईएएनएस से कहा, "परियोजना स्थल पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।" उन्होंने कहा कि सिंगुर में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि नैनो परियोजना के लिए अधिग्रहित 997.11 एकड़ जमीन में से 400 एकड़ जमीन लौटाए जाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी नैनो फैक्ट्री के सामने अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी कर रही हैं।
एक लाख रुपये कीमत वाली नैनो कार इस वर्ष अक्टूबर में बाजार में उतारी जाने वाली है। लेकिन टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा कह चुके हैं कि यदि विवाद नहीं थमा, तो यह परियोजना पश्चिम बंगाल से बाहर भी जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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